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Aditya L1 Effects: ज्योतिष में सूर्य का है विशेष महत्व, जानें कमजोर सूर्य को ठीक करने के उपाय
Aditya-L1 Solar Mission Effects: चंद्रयान 3 की सफलता के बाद अब देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की नजरें भारत द्वारा 2 सितंबर को लॉन्च किये जा रहे आदित्य-एल1 सौर मिशन पर है। गौरतलब है कि यह श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर लॉन्च हुआ।
सभी एक बार फिर अपने देश के वैज्ञानिकों की हौसलाअफजाई और भारतीय होने पर फख्र महसूस करने के लिए इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इस मिशन की मदद से अब सूर्य के छिपे रहस्य को जानने का प्रयास किया जाएगा।

सूर्य का ज्योतिष शास्त्र में भी बड़ा महत्व है। हिंदू धर्म और ज्योतिष के जानकार भी सूर्य देव की महिमा का बखान करते नहीं थकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि वैदिक ज्योतिष में सूर्य का क्या महत्व है और कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूत करने के लिए क्या उपाय किये जा सकते हैं।
सूर्य को माना जाता है देवता
हिंदू धर्म में सूर्य को देवता तुल्य माना गया है। प्रकृति में सूर्य की महत्ता से इंकार नहीं किया जा सकता है। उसी तरह ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसा माना जाता है कि कुंडली में सूर्य की स्थिति व्यक्ति के जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करती है।
सूर्य देव जातक की जिंदगी में मान-सम्मान, प्रतिष्ठा, लीडरशिप, ऊंचा पद, पिता से अच्छे रिश्तों का कारक बनता है। यदि किसी जातक की कुंडली में सूर्य मजबूत स्थिति में है तो उसे निजी जिंदगी ही नहीं करियर में भी अच्छी सफलता और कई तरह के लाभ मिलते हैं। आपके काम बिना किसी बाधा के पूरे होंगे। सूर्य की कृपा से व्यापार और नौकरी में अनुकूल परिणाम प्राप्त होते हैं।
अगर कुंडली में है कमजोर सूर्य तो होते हैं ये नुकसान
यदि कोई व्यक्ति कुंडली में सूर्य देव की कमजोर स्थिति झेल रहा है तो फिर उसे जीवन में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उसे दिल से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। कई मौकों पर जातक को आंख से जुड़ी परेशानी भी हो जाती है। सूर्य की कमजोर स्थिति की वजह से व्यक्ति के मान सम्मान में गिरावट आने लगती है। नौकरी, खासतौर से सरकारी नौकरी प्राप्त करने के इच्छुक जातकों को अड़चनों का सामना करना पड़ता है। घर परिवार का माहौल भी इससे प्रभावुत होता है। व्यक्ति का अपने पिता के साथ संबंध खराब होने लगता है। कई जातकों को पितृ दोष का दंश भी झेलना पड़ता है।
कुंडली में सूर्य को मजबूत कैसे करें?
रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित माना गया है। इस दिन व्रत करने से सूर्य शुभ परिणाम देते हैं। साथ ही इस दिन आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ जरूर करें।
सूर्य से जुड़ी चीजें जैसे पीले, लाल अथवा नारंगी वस्त्र, गेहूं, लाल चंदन, तांबे के बर्तन, गुड़ आदि का दान करने से सूर्य की स्थिति बेहतर होती है।
आप रोजान सुबह जल्दी उठें। स्नान आदि से निवृत्त होकर सबसे पहले सूर्य देव को अर्घ्य दें। आप सूर्य को जल देते समय लाल रंग का फूल, कुमकुम या इत्र जल में मिला सकते हैं। इस उपाय से आपको शीघ्र सकारात्मक परिणाम मिल सकेंगे।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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