Latest Updates
-
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा
Aja Ekadashi 2023: अनंत पुण्य प्राप्ति के लिए कीजिये भादो माह की अजा एकादशी, जानें सही मुहूर्त व विशेष नक्षत्र
Aja Ekadashi 2023: एकादशी भगवान् विष्णु को बहुत प्रिय है। भादो माह भगवन कृष्ण को बहुत प्रिय है। कृष्ण विष्णु के अवतार हैं। इस हिसाब से भादो माह में एकादशी का व्रत करके कृष्ण व विष्णु की पूजा करने और उनसे कृपा प्राप्त करने का उत्तम समय है।
इसलिए हम आपको बताते हैं कि इस बार यानी 2023 के भादो माह में अजा एकादशी की तिथि क्या है ताकि आप भी भगवान् विष्णु से कृपा पा सकें।

अजा एकादशी 2023 कब है?
हिन्दू पंचांग के अनुसार भादो माह के कृष्ण पक्ष में 10 सितम्बर 2023 को अजा एकादशी है। इस दिन रविवार है और इसी दिन अजा एकादशी का व्रत किया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि अजा एकादशी करने से विष्णु बहुत प्रसन्न होते हैं, पाप का नाश करते हैं और सुख वैभव की वर्षा करते हैं। इस बार की अजा एकादशी के दिन कई महत्वपूर्ण योग भी बन रहे हैं। इन योगों में व्रत पूजा की जाए तो फल ज्यादा मिलता है।
अजा एकादशी व्रत 2023 शुभ मुहूर्त
अजा एकादशी तिथि का प्रारंभ 9 सितंबर को शाम 07 बजकर 17 मिनट से होगा और 10 सितंबर रात्रि 09 बजकर 28 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। इस तिथि की विशेष बात यह है कि इस दिन पुष्य नक्षत्र और पुनर्वसु नक्षत्र दोनों का योग बन रहा है। इसके साथ ही रवि पुष्य योग है और सर्वार्थ सिद्धि योग भी है। कुल मिलाकर अजा एकादशी की तिथि के दिन शुभ योग बन रहे हैं और व्रत करने से विशेष लाभ मिलेंगे।
इस दिन चावल का सेवन ना करें और भूलकर भी तुलसी का पत्ता ना तोडें। व्रत करें और विष्णु का स्मरण करते रहें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
