Latest Updates
-
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक
First Raviwar of 2024: पूरे साल बनी रहेगी सूर्य देव की कृपा, बस आज कर लें इन मंत्रों का जाप
Ravivar Ke Upay: हिन्दू धर्म में सूर्य देव का बेहद विशेष महत्व होता है। सूर्य ना केवल पूरे ब्रह्माण्ड की धुरी है, और सम्पूर्ण जगत को ऊर्जा और उष्मा देते हैं, बल्कि ज्योतिष शास्त्र में भी सूर्य का बहुत महत्व होता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार रविवार का दिन सूर्य भगवान् का दिन होता है। इस दिन सूर्य देव की पूरी श्रद्धा से अराधना करनी चाहिए।
इस दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए सूर्य ध्यान मन्त्रों का जाप करना चाहिए। इन मन्त्रों के जाप से ना केवल सूर्यदेव की विशेष कृपा बरसती है, साथ ही जीवन में आत्मविश्वास, सुख, समृद्धि की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जाप किये जाने वाले कुछ विशेष सूर्यदेव मन्त्र इस प्रकार हैं -

सूर्य भगवान की प्रार्थना करते हुए इस मंत्र का जाप करें-
ग्रहाणामादिरादित्यो लोक लक्षण कारक:।
विषम स्थान संभूतां पीड़ां दहतु मे रवि।।
सूर्य वैदिक मंत्र
ओम आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यण्च । हिरण्य़येन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन ।।
सूर्य गायत्री मंत्र
ओम आदित्याय विदमहे प्रभाकराय धीमहितन्न: सूर्य प्रचोदयात् ।।"
सूर्य बीज मंत्र
'ओम हृां हृीं हृौं स: सूर्याय नम:'।
सूर्य वंदना मंत्र
नमो नमस्तेस्तु सदा विभावसो, सर्वात्मने सप्तहयाय भानवे।
अनंतशक्तिर्मणि भूषणेन, वदस्व भक्तिं मम मुक्तिमव्ययाम्।।
सूर्य भगवान की प्रार्थना के मन्त्र
ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य:
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः।
ॐ सूर्याय नम:।
ॐ घृणि सूर्याय नम:।
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।
ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ।
ॐ हृां मित्राय नम:।
ॐ हृीं रवये नम:।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
