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Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज पर क्यों लगाई जाती है मेहंदी, भगवान शिव और माता पार्वती से है खास कनेक्शन
Hariyali Teej Par Mehndi Kyu Lagayi Jati Hai: हरियाली तीज हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है, जिसे बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह हर साल श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। सावन तीज, श्रावणी तीज, छोटी तीज और मधुश्रवा तीज जैसे कई नामों से जानी जाने वाली इस तीज के दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। वे शाम को चांद को अर्घ्य देकर व्रत तोड़ती हैं।
कुंवारी लड़कियां भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से इस व्रत को रखती हैं। व्रत रखने के अलावा इस दिन मेहंदी लगाना, हरी चूड़ियां और कपड़े पहनना भी शुभ माना जाता है। आइए जानें हरियाली तीज के दौरान इन प्रथाओं का इतना महत्व क्यों है।

हरियाली तीज पर मेहंदी का महत्व (Hariyali Teej Par Mehndi Kyu Lagate Hain?)
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है और इसे प्रेम का महीना भी माना जाता है क्योंकि यह भगवान शिव और देवी पार्वती के मिलन का प्रतीक है। मानसून का मौसम हरियाली लेकर आता है, जो प्रेम और समृद्धि का प्रतीक है। इस दौरान मेहंदी लगाना शुभ माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान शिव को आकर्षित करने के लिए अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी लगाई थी।
इस कृत्य से भगवान शिव प्रसन्न हुए और उनका मिलन हुआ। इसलिए, महिलाएं अपने पति से इसी तरह का प्यार पाने के लिए हरियाली तीज के दौरान मेहंदी लगाती हैं। धार्मिक दृष्टिकोण से, मेहंदी शुक्र और बुध ग्रहों से जुड़ी है। इसे लगाने से कुंडली में इनकी स्थिति मजबूत होती है, जिससे वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
हरियाली तीज पर हरे रंग का महत्व (Hariyali Teej Par Hara Rang Kyu Pehnate Hain?)
हरा रंग सुख, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है। सावन के दौरान प्रकृति हर जगह हरियाली से भरपूर होती है। यह रंग वैवाहिक जीवन और बुध ग्रह से भी जुड़ा हुआ है। हरा रंग पहनने से मन को शांति मिलती है, तनाव कम होता है और ऊर्जा का स्तर बढ़ता है।
ज्योतिष के अनुसार, भगवान शिव को हरा रंग पसंद है। इस महीने में हरे रंग की चूड़ियाँ और कपड़े पहनने से जीवन में सौभाग्य, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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