Karwa Chauth Puja During Periods: करवा चौथ पर पीरियड्स आ जाएं तो क्या करें? जानें व्रत और पूजा के नियम

Period Me Karwa Chauth Ka Vrat Kaise Kare: करवा चौथ का व्रत महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए व्रत रखती हैं। पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का पर्व हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस साल 29 अक्टूबर, गुरुवार को करवा चौथ का व्रत किया जाएगा। इस दिन महिलाएं सुबह से निर्जला उपवास करती हैं और रात में चांद देखने के बाद व्रत खोलती हैं। हिंदू धर्म में करवा चौथ के व्रत और पूजा से जुड़े कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना जरूरी माना जाता है। ऐसे में, कई महिलाओं का यह सवाल रहता है कि अगर करवा चौथ के दिन पीरियड्स आ जाएं, तो क्या करना चाहिए? क्या ऐसी स्थिति में पूजा करना ठीक रहेगा या व्रत अधूरा माना जाएगा? चलिए आपको बताते हैं कि अगर करवा चौथ के दिन पीरियड्स आ जाएं, तो पूजा कैसे की जा सकती है -

Karwa Chauth Puja During Periods

क्या पीरियड्स में भी रख सकते हैं करवा चौथ का व्रत?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीरियड्स शुरू होने पर भी करवा चौथ का उपवास रखा जा सकता है। अगर व्रत वाले दिन मासिक धर्म शुरू हो जाए, तो इसे लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। महिलाएं अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत जारी रख सकती हैं। अगर व्रत का संकल्प लेने से पहले ही पीरियड्स शुरू हो जाएं, तब भी उपवास रखने को लेकर मन में शंका न रखें। हालांकि, इस दिन आपको पूजा से संबंधित काम नहीं करने चाहिए। आप पूरे दिन व्रत रखकर, रात में चांद के दर्शन के बाद व्रत खोल सकती है।

क्या पीरियड्स में करवा चौथ की पूजा कर सकते हैं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पूजा के सामान को स्पर्श नहीं करना चाहिए।। ऐसी स्थिति में घर की किसी दूसरी महिला से पूजा करवाई जा सकती है। अगर घर में कोई दूसरी महिला नहीं है, तो पति भी पत्नी की जगह पूजा कर सकते हैं। महिला खुद पूजा का सामान छुए बिना थोड़ी दूरी पर बैठकर पूजा में शामिल हो सकती है और करवा चौथ की कथा भी सुन सकती है।

क्या पीरियड्स में चांद को अर्घ्य दे सकती हैं महिलाएं?

पीरियड्स के दौरान करवा माता की पूजा-अर्चना नहीं करनी चाहिए और ना ही पूजा के सामान को स्पर्श करना चाहिए। लेकिन जब चांद निकल आए, तो आप चंद्रमा को अर्घ्य दे सकती हैं और छलनी से चांद के दर्शन कर निर्जला व्रत खोल सकती हैं। आप चंद्रमा के दर्शन के समय मंत्रों का जाप भी कर सकती हैं और चावल के फरे भी अर्पित कर सकती हैं।

पीरियड्स के दौरान करवा चौथ की पूजा कैसे करें?

करवा चौथ के दिन अगर पीरियड्स शुरू हो जाएं, तो महिलाएं व्रत जारी रखते हुए मन ही मन भगवान का ध्यान कर सकती हैं। इस दिन नए कपड़े और गहने पहनने के साथ सोलह श्रृंगार भी कर सकती हैं। हालांकि, पूजा की सामग्री को छूने से बचना चाहिए। ऐसे में करवा चौथ की पूरी कथा घर की किसी दूसरी महिला से सुन सकती हैं। अगर घर में कोई दूसरी महिला मौजूद नहीं है, तो पति पूजा और कथा की रस्में पूरी कर सकते हैं। पूजा के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोला जा सकता है।

Story first published: Tuesday, October 27, 2026, 11:56 [IST]
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