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Karwa Chauth 2026 Sargi: करवा चौथ की सरगी में क्या-क्या होता है? जानें सरगी खाने का सही समय
Karwa Chauth 2026 Sargi: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। करवा चौथ के व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी खाने से होती है। आमतौर पर सास अपनी बहू को सरगी की थाली देती हैं। इसमें खाने-पीने की चीजों के अलावा कपड़े, सिंदूर, चूड़ियां, बिछिया और अन्य सुहाग सामग्री भी शामिल की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सरगी की कुछ चीजों को शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि सरगी की परंपरा कैसे शुरू हुई और इसकी थाली में क्या-क्या रखना चाहिए।

सरगी क्या होती है?
सरगी करवा चौथ के व्रत से पहले सुबह के समय खाया जाने वाला भोजन है। परंपरा के अनुसार, सास अपनी बहू को सरगी देती हैं। इसमें फल, मिठाई, मेवे और दूसरी खाने-पीने की चीजें रखी जाती हैं। कुछ परिवारों में सरगी के साथ साड़ी, चूड़ियां, बिंदी और सिंदूर जैसी सुहाग की चीजें भी दी जाती हैं। सरगी खाने के बाद महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलती हैं।
सरगी देने की परंपरा कैसे शुरू हुई?
कुछ प्रचलित कथाओं के अनुसार, व्रत से पहले माता पार्वती की मां मैना देवी ने उन्हें भोजन कराया था। कुछ लोग इसी कथा को सरगी देने की परंपरा से जोड़कर देखते हैं। वहीं, एक अन्य प्रचलित कथा के अनुसार, द्रौपदी ने पांडवों की लंबी उम्र और कुशलता की कामना के लिए व्रत रखा था। कहा जाता है कि उनकी सास कुंती ने व्रत से पहले उन्हें भोजन दिया था। इन कथाओं को सरगी की परंपरा से जोड़कर देखा जाता है।
सरगी की थाली में क्या-क्या रखें?
फल
ड्राई फ्रूट्स
खीर/सेवई
मिठाई
नारियल पानी
दूध
परांठा
सूत फेनी
चाय
मठरी/नमकीन
करवा चौथ 2026 सरगी का समय
करवा चौथ के दिन सरगी सूर्योदय से पहले खाई जाती है। कई परिवारों में इसे सुबह 4 से 5 बजे के बीच खाने की परंपरा है। इस साल करवा चौथ की सरगी का समय सुबह 3 बजकर 30 मिनट से 5 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। हालांकि, सरगी का सही समय स्थानीय सूर्योदय और परिवार की परंपरा के अनुसार तय किया जा सकता है। इसलिए अपने शहर के सूर्योदय का समय देखकर सरगी कर लें।
सरगी खाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
सरगी में ऐसी चीजें शामिल करें, जिनसे पेट भरा रहे और दिनभर ऊर्जा बनी रहे।
बहुत ज्यादा तली-भुनी या नमकीन चीजें खाने से बचें, क्योंकि इनसे प्यास बढ़ सकती है।
सरगी में फल, मेवे और पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता दें।
अगर आपको डायबिटीज या कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या है, तो निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।



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