Latest Updates
-
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश -
Karwa Chauth Wishes For Wife: चांद की चांदनी...करवा चौथ के मौके पर पत्नी को भेजें ये प्यार भरे मैसेज और शायरी -
Happy Karwa Chauth 2026 Wishes: चांद से मांगी हैं आपके लिए खुशियां…इन संदेशों से दें करवा चौथ की शुभकामनाएं -
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर पति-पत्नी शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
Karwa Chauth 2026 Moonrise Time: करवा चौथ पर चांद कब निकलेगा? जानें आपके शहर में कब होगा दीदार -
Aditi Rao Hydari ने बताया ब्यूटी सीक्रेट, ग्लोइंग और फ्लॉलेस स्किन के लिए इस्तेमाल करती हैं ये घरेलू नुस्खे
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय
Maha Ashtami 2026: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व अब समाप्त होने वाला है। नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है और उन्हें भोजन कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हालांकि, इस बार सप्तमी तिथि बढ़ने के कारण अष्टमी और नवमी की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस बना हुआ है। कुछ लोग 18 अक्टूबर को अष्टमी का व्रत रखेंगे, जबकि कुछ लोग 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी की पूजा करना उचित मान रहे हैं। ऐसे में अगर आप 18 अक्टूबर को अष्टमी मना रहे हैं, तो जान लें कन्या पूजन के शुभ मुहूर्त और व्रत पारण का समय -

शारदीय नवरात्रि की अष्टमी कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजकर 27 मिनट से शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर होगा। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, 18 अक्टूबर को अष्टमी का व्रत रखना शुभ रहेगा। इस दिन सप्तमी तिथि समाप्त होने के बाद अष्टमी तिथि पूरे दिन और रात में रहेगी। इसलिए इस दिन अष्टमी का पुण्यकाल प्राप्त होगा। साथ ही महानिशा पूजा और संधि पूजा के लिए भी शुभ समय रहेगा।
18 अक्टूबर को कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
जो लोग अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करते हैं, वे 18 अक्टूबर को पूजा कर सकते हैं। हालांकि, इस दिन सुबह 8 बजकर 28 मिनट तक सप्तमी तिथि रहेगी। इसलिए अष्टमी के अनुसार कन्या पूजन करने वालों को इसके बाद का समय चुनना चाहिए। कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं -
शुभ चौघड़िया मुहूर्त: सुबह 9:15 बजे से दोपहर 12:06 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 7:28 बजे से सुबह 9:16 बजे तक।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:52 बजे से सुबह 5:40 बजे तक।
कन्या पूजन की विधि
कन्या पूजन के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और मां दुर्गा की पूजा करें।
इसके बाद कन्याओं को घर बुलाकर उनके बैठने के लिए साफ आसन लगाएं।
कन्याओं के पैर धोकर उन्हें तिलक लगाएं और उनकी पूजा करें।
इसके बाद कन्याओं को हलवा, पूरी और चने का प्रसाद खिलाएं।
कई घरों में एक छोटे बालक को भी कन्याओं के साथ भोजन कराया जाता है, जिसे बटुक या लांगुरिया कहा जाता है।
भोजन के बाद कन्याओं को अपनी श्रद्धा के अनुसार दक्षिणा या उपहार दें और उनका आशीर्वाद लें।
व्रत का पारण कब करें?
पंचांग के अनुसार, अष्टमी व्रत का पारण 19 अक्टूबर, सोमवार को किया जाएगा। इस दिन अष्टमी तिथि सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर समाप्त होगी। इसलिए अष्टमी व्रत का पारण इसके बाद करना उचित रहेगा।



Click it and Unblock the Notifications
