Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता
Shardiya Navratri 2024 Bhog: देवी दुर्गा की कृपा पाने के लिए नौ दिन प्रेम से लगाएं इन 9 चीजों का भोग
Shardiya Navratri 2024 Bhog: शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, और हर दिन उन्हें विशेष भोग अर्पित किया जाता है। इन भोगों को माता की कृपा प्राप्त करने और भक्तों के मनोकामना पूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में हर देवी को अलग-अलग भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह न केवल माता का आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम है, बल्कि इससे जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता की प्राप्ति होती है। यहाँ शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों के लिए विशेष भोग बताए गए हैं:

नवरात्रि के नौ दिन माता को लगाएं इन चीजों का भोग
1. पहला दिन: शैलपुत्री माता
माता शैलपुत्री की पूजा नवरात्रि के पहले दिन होती है। इस दिन माता को घी का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। घी का भोग अर्पित करने से व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
2. दूसरा दिन: ब्रह्मचारिणी माता
दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। उन्हें शक्कर या मिश्री का भोग अर्पित करना चाहिए। इस भोग से लंबी आयु और धैर्य की प्राप्ति होती है।
3. तीसरा दिन: चंद्रघंटा माता
तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। उन्हें दूध और उससे बने प्रसाद जैसे खीर या मिठाई का भोग अर्पित करना चाहिए। यह भोग भक्तों के जीवन में सुख और शांति लाता है।
4. चौथा दिन: कूष्मांडा माता
चौथे दिन माता कूष्मांडा को मालपुए का भोग अर्पित किया जाता है। यह भोग अर्पित करने से बुद्धि और निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है।
5. पाँचवां दिन: स्कंदमाता
पाँचवे दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है। उन्हें केले का भोग अर्पित करना चाहिए। इस दिन केले अर्पित करने से घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है और स्वास्थ्य भी उत्तम रहता है।
6. छठा दिन: कात्यायनी माता
छठे दिन कात्यायनी माता को शहद का भोग अर्पित करना चाहिए। शहद का भोग अर्पित करने से सुंदरता और आकर्षण की प्राप्ति होती है और जीवन में मधुरता आती है।
7. सातवां दिन: कालरात्रि माता
सातवें दिन कालरात्रि माता की पूजा होती है। उन्हें गुड़ का भोग अर्पित करना चाहिए। यह भोग देने से जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
8. आठवां दिन: महागौरी माता
आठवें दिन महागौरी माता की पूजा की जाती है। उन्हें नारियल का भोग अर्पित करना चाहिए। नारियल का भोग अर्पित करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और घर में संपत्ति की प्राप्ति होती है।
9. नौवां दिन: सिद्धिदात्री माता
नौवें दिन सिद्धिदात्री माता की पूजा की जाती है। उन्हें तिल का भोग अर्पित करना चाहिए। यह भोग अर्पित करने से जीवन में हर प्रकार की सिद्धि और सफलता प्राप्त होती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
