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दुनिया का अनोखा गांव जहां हर घर के आंगन में खड़ा है प्राइवेट जेट, सब्जी और दूध लाने के लिए भी भरते हैं उड़ान!
Private jet village In The World: हमने घरों के आगे आमतौर पर लग्जरी कार, गाड़ियां और बाइक-स्कूटर व साइकिल तो खड़ी देखी हैं। किसी घर के आगे एक गाड़ी होगी तो किसी घर के आगे 3-4 गाड़ियां। लेकिन क्या आपने कभी ऐसे गांव के बारे में सुना है जिसके हर घर की पार्किंग में एक प्राइवेट जेट खड़ा रहता है और वो अपने रोजमर्रा के कामों के लिए भी उड़ानें भरते हैं। जी हां, हम किसी सपनों की दुनिया की बात नहीं कर रहे क्योंकि सच में एक ऐसा गांव हैं। यह सुनने में किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा लग सकता है, लेकिन अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक ऐसा गांव है, जहां हवाई जहाज रखना उतना ही सामान्य है जितना हमारे लिए साइकिल रखना। आइए जानते हैं इस अद्भुत गांव के बारे में, जहां की सड़कें ही रनवे हैं और आसमान ही इनका रास्ता।

इस गांव में हर घर में है प्राइवेट जेट
हम जिस गांव की बात कर रहे हैं वो कैलिफोर्निया में स्थित 'कैमरन एयरपार्क' (Cameron Airpark) है जो दुनिया के सबसे अनोखे रिहायशी इलाकों में से एक है। इस गांव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां रहने वाले 124 परिवारों के पास अपने निजी विमान हैं। यहां के घरों का डिजाइन आम घरों से अलग है; यहां कारों के लिए गैराज की जगह विमानों के लिए बड़े-बड़े 'हैंगर' बने हुए हैं।
रनवे से भी चौड़ी हैं यहां की सड़कें
जहां हर घर की पार्किंग में प्राइवेट जेट हों वहां की सड़कों से लेकर घर तक सब का अन्य घरों व सड़कों से अलग होना लाजमी है। यहां के घर बहुत बड़े होते हैं और लग्जरी घरों के बाहर हवाई जहाज खड़े रहते हैं। वहीं सड़कों की बात करें तो इस गांव की सड़कें अन्य गांव से बहुत अधिक चौड़ी हैं, क्योंकि इन सड़कों पर कारें और बाइक नहीं बल्कि विमान दौड़ते हैं। सड़कों को इस तरह बनाया गया है कि पायलट अपने जहाज को घर से सीधे रनवे तक ले जा सकें। यहां के साइन बोर्ड और लेटरबॉक्स भी काफी नीचे लगाए गए हैं, ताकि उड़ान भरते या लैंड करते समय विमान के पंख उनसे न टकराएं। खास बात ये है कि यहां की सड़कों के नाम भी बहुत अलग हैं जिन्हें 'फ्लाई-इन कम्युनिटी' (Fly-in Community) कहा जाता है।
कौन रहते हैं इस गांव में?
आप सोच रहे होंगे कि ये गांव दुनिया का सबसे अमीर गांव है, अब ये सोचना जायज भी है क्योंकि जिस घर की पार्किंग में खुद का हवाई जहाज हो वो अमीर तो होगा ही। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, दरअसल ये गांव अमीरों का गांव नहीं बल्कि पायलट्स का गांव है। बजा दें कि यहां रहने वाले ज्यादातर लोग रिटायर्ड मिलिट्री पायलट हैं, लेकिन समय के साथ यहां डॉक्टर, वकील और बड़े बिजनेसमैन भी बस गए हैं।
रोज के काम के लिए भी भरी जाती है उड़ान
यहां के लोगों को आसमान से इतना प्यार है कि वे अक्सर शनिवार की सुबह एक साथ इकट्ठा होते हैं और किसी लोकल एयरपोर्ट तक सामूहिक उड़ान (Group Flight) पर निकल जाते हैं। इसके अलावा रोजमर्रा के कामों के लिए भी कार से नहीं बल्कि हवाई जहाज से जाना पसंद करते हैं। फिर चाहे वो स्कूल जाना हो या फिर मार्केट से सब्जी-फल या दूध-ब्रेड लाना हो।
क्यों इस गांव में रहते हैं पायलट्स?
इस गांव की कहानी भी बहुत ही रोचक है। अमेरिका में इस तरह के एयरपार्क का चलन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शुरू हुआ। युद्ध के दौरान अमेरिका में कई एयरफील्ड बनाए गए थे। जब युद्ध समाप्त हुआ, तो सरकार ने इन्हें बंद करने के बजाय रिहायशी इलाकों (Residential Airparks) में बदल दिया। 1946 तक अमेरिका में लगभग 4 लाख पायलट थे, जिन्हें रहने के लिए ऐसी जगहों की तलाश थी जहाँ वे अपने विमानों के साथ रह सकें। कैमरन एयरपार्क इसी कड़ी में 1963 में विकसित किया गया था।



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