Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि

Gandhi Jayanti 2026: हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जाती है। यह दिन गांधी जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है और उनके जीवन, संघर्ष और देश के लिए किए गए योगदान को याद करने का मौका देता है। बता दें कि महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में हुआ था। गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और त्याग के रास्ते पर चलते हुए भारत की आजादी की लड़ाई को एक नई दिशा दी। उन्होंने न सिर्फ भारत को आजादी की राह दिखाई, बल्कि पूरी दुनिया को भी सत्य और अहिंसा का संदेश दिया। भारत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लोग कई नामों से जानते हैं. देश से लेकर विदेश तक, गांधी जी के अनुयायी उन्हें प्यार से 'बापू' कहकर बुलाते हैं। उन्हें 'महात्मा' और 'राष्ट्रपिता' के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गांधी जी को बापू, महात्मा और राष्ट्रपिता क्यों कहा जाता है? आइए, जानते हैं कि गांधी को उनके विभिन्न उपनाम कैसे मिले -

Gandhi Jayanti

गांधी जी को बापू क्यों कहा गया?

गांधी जी को 'बापू' नाम प्यार और सम्मान के तौर पर मिला। कहा जाता है कि चंपारण सत्याग्रह के दौरान एक गुमनाम किसान गांधी जी से काफी प्रभावित हुआ और उन्हें 'बापू' कहकर बुलाने लगा। इसके बाद यह नाम धीरे-धीरे लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया और लोग गांधी जी को बापू कहकर पुकारने लगे। हालांकि, गांधी जी को 'बापू' कहे जाने का श्रेय देश के बड़े उद्योगपतियों में शामिल जमनालाल बजाज को भी दिया जाता है। जमनालाल बजाज गांधी जी के बेहद करीबी थे और खुद को गांधी जी का पांचवां बेटा कहते थे। समय के साथ 'बापू' नाम गांधी जी की पहचान का हिस्सा बन गया। आज भी देश-दुनिया में उन्हें इसी नाम से सम्मान के साथ याद किया जाता है।

गांधी जी को महात्मा क्यों कहा गया?

'महात्मा' शब्द का अर्थ होता है महान आत्मा। गांधी जी के सादे जीवन, सत्य के प्रति उनकी निष्ठा और अहिंसा के विचारों ने लोगों को काफी प्रभावित किया। इसी वजह से लोग उन्हें महात्मा कहकर सम्मान देने लगे। माना जाता है कि साल 1915 में महान कवि और दार्शनिक रवींद्रनाथ टैगोर ने गांधी जी को 'महात्मा' कहकर संबोधित किया था। इसके बाद यह नाम लोगों के बीच और ज्यादा प्रचलित हो गया। गांधी जी के लिए 'महात्मा' नाम उनके महान विचारों, सरल जीवन और नैतिक मूल्यों के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।

गांधी जी को राष्ट्रपिता क्यों कहा जाता है?

गांधी जी को 'राष्ट्रपिता' कहकर भी संबोधित किया जाता है। इस नाम का इस्तेमाल सबसे पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने साल 1944 में किया था। उन्होंने गांधी जी को राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया और उन्हें भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई का मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत बताया। गांधी जी ने अपने नेतृत्व से करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सत्य और अहिंसा के विचारों ने आजादी की लड़ाई को एक अलग दिशा दी। इसी वजह से 'बापू', 'महात्मा' और 'राष्ट्रपिता' जैसे नाम गांधी जी के प्रति लोगों के प्यार, सम्मान और विश्वास को दिखाते हैं।

Story first published: Friday, October 2, 2026, 9:30 [IST]
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