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Neeraj Chopra Educational Qualification: नीरज चोपड़ा एक प्रसिद्ध भारतीय एथलीट हैं, जो टोक्यो 2020 ओलंपिक में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में अपने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक के लिए प्रसिद्ध हैं। इस उपलब्धि ने उन्हें ओलंपिक खेलों में एथलेटिक्स स्वर्ण जीतने वाला एकमात्र भारतीय बना दिया।
हरियाणा के पानीपत जिले के खांडरा गांव में जन्मे नीरज चोपड़ा की जड़ें खेती से जुड़ी हुई हैं। उनके पिता सतीश कुमार किसान हैं और उनकी मां सरोज देवी गृहिणी हैं। नीरज की दो बहनें हैं और बचपन से ही उन्हें लाड़-प्यार से पाला गया।

पेरिस ओलंपिक में नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन
पेरिस ओलंपिक में नीरज चोपड़ा से देश से बहुत उम्मीदें थीं। टोक्यो ओलंपिक 2020 में स्वर्ण पदक जीतने वाले जैवलिन थ्रोअर को इस साल रजत पदक से संतोष करना पड़ा। 26 वर्षीय चोपड़ा 89.45 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ इवेंट में दूसरे स्थान पर रहे। वहीं इवेंट में पकिस्तान के अरशद नदीम ने 92.97 मीटर के ओलंपिक रिकॉर्ड थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता।
नीरज चोपड़ा का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
नीरज चोपड़ा का बचपन बहुत आरामदेह था; उन्हें घर के काम या खेतों में काम करने की ज़रूरत नहीं थी। उनके चाचा सुल्तान कहते हैं, "वह हमारे लिए एक गुड़िया की तरह था।" नीरज ने शुरुआत में चंडीगढ़ के दयानंद एंग्लो-वैदिक (डीएवी) कॉलेज में पढ़ाई की, लेकिन भारतीय सेना में शामिल होने के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। वह अब बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल कर रहे हैं।
एथलीट की लंबाई 6 फीट (182 सेमी) है, जो टोक्यो ओलंपिक में उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी जोहान्स वेटर से सिर्फ़ एक इंच छोटा है। नीरज का उपनाम 'सरपंच' (गाँव का मुखिया) उनके दोस्तों से आया था, जब उन्होंने कॉलेज में नया कुर्ता पहना था।
नीरज चोपड़ा का सैन्य करियर

2016 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप और दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के बाद, नीरज भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड अधिकारी (JCO) - नायब सूबेदार के रूप में शामिल हुए। एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने के बाद 2018 में उन्हें सूबेदार के पद पर पदोन्नत किया गया।
26 जनवरी, 2022 को नीरज को खेलों में उत्कृष्टता के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। अनेक पुरस्कारों और उपलब्धियों के कारण उनकी लोकप्रियता में तेज़ी से वृद्धि हुई है।
एथलेटिक उपलब्धियां
ओलंपिक में जीत के अलावा, नीरज ने विश्व जूनियर चैंपियनशिप, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और दक्षिण एशियाई खेलों सहित विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीते हैं। उन्होंने डायमंड लीग का खिताब भी हासिल किया है।
नीरज चोपड़ा की सफलता ने उन्हें कई ब्रांड एंडोर्समेंट और टीवी शो में आने का मौका दिया है। वे मैगज़ीन के कवर पेज पर छाए हैं और पूरे भारत में एक जाना-माना नाम बन गए हैं।
व्यक्तिगत उपलब्धियां
सितंबर 2021 में, नीरज ने ओलंपिक स्वर्ण जीतने के बाद अपने माता-पिता को उनकी पहली उड़ान पर ले जाकर एक निजी सपना पूरा किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर शेयर किया, "मेरा एक छोटा सा सपना आज पूरा हो गया क्योंकि मैं अपने माता-पिता को उनकी पहली उड़ान पर ले जाने में सक्षम था।"
टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन के लिए नीरज चोपड़ा को 2022 में प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने भारत के शीर्ष खेल आइकन में से एक के रूप में उनकी स्थिति को और मजबूत किया।
यह युवा एथलीट मैदान के अंदर और बाहर अपनी लगन और उपलब्धियों से अनेक लोगों को प्रेरित कर रहा है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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