Latest Updates
-
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश
कभी ऑस्ट्रेलिया में करता था पिज्जा डिलीवरी, आज खुद है 3 रेस्टोरेंट का मालिक, ऐसे बदली इस भारतीय की किस्मत
कहते हैं कि अगर आगे बढ़ने की ठान ली जाए तो मुश्किल हालात भी रास्ता नहीं रोक सकते। ऑस्ट्रेलिया पहुंचे एक भारतीय युवक की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। कभी वह लोगों के घर जाकर पिज्जा डिलीवर करता था, लेकिन आज तीन रेस्टोरेंट के मालिक है। उसके पास लग्जरी BMW कार और ऑस्ट्रेलिया के साथ हैदराबाद में भी आलीशान घर है। 11 साल के इस सफर में उन्हें ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता भी मिल चुकी है। उसकी यह कहानी उसके आंत्रप्रेन्योर बहनोई विनीत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर साझा की, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गई। आइए, जानते हैं पिज्जा डिलीवरी से तीन रेस्टोरेंट के मालिक बनने तक का उसका पूरा सफर -

पिज्जा डिलीवरी से शुरू हुआ सफर
वायरल पोस्ट के मुताबिक, करीब 11 साल पहले यह भारतीय युवक पढ़ाई करने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचा था। पढ़ाई पूरी होने के बाद उसे अपनी फील्ड में नौकरी नहीं मिल सकी। ऐसे में वह निराश होकर घर नहीं बैठा, बल्कि अपने खर्चे चलाने के लिए एक पिज्जा शॉप में फुल-टाइम काम शुरू कर दिया। वहां उसका काम लोगों के घर तक पिज्जा पहुंचाना था। उसने इस काम को छोटा नहीं समझा और पूरी मेहनत के साथ जिम्मेदारी निभाता रहा।
सिर्फ 3 साल में खड़ा किया कारोबार
पिज्जा शॉप में करीब तीन साल काम करने के दौरान उसने कुछ पैसे बचाए। इसके बाद उसने आगे बढ़ने का फैसला किया और कुछ बचत के साथ पार्टनरशिप के जरिए उसी पिज्जा फ्रेंचाइजी में निवेश कर दिया, जहां वह काम करता था। कोविड-19 महामारी के बाद उसके कारोबार ने रफ्तार पकड़ी और कुछ ही समय में उसने दो और फ्रेंचाइजी खरीद लीं। इस तरह कभी लोगों के घर पिज्जा पहुंचाने वाला युवक अब तीन रेस्टोरेंट का मालिक बन गया।

आज है खुद का आलिशान घर और गाड़ी
कारोबार चलने के बाद उसकी जिंदगी भी काफी बदल गई। ऑस्ट्रेलिया में उसने अपना घर बनाया और एक BMW कार खरीदी। हैदराबाद में भी उसका आलीशान घर है। इस सफर में एक और बड़ी उपलब्धि उसके नाम हुई। उसे और उसके परिवार को ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता मिल गई। इसके बाद वह अपने माता-पिता को भी ऑस्ट्रेलिया ले आया।



Click it and Unblock the Notifications
