Latest Updates
-
Sharad Purnima 2026 Wishes In Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों से प्रियजनों को दें शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं -
Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा पर बन रहा दुर्लभ लक्ष्मी नारायण योग, इन 3 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन -
Karwa Chauth Mehndi Designs 2026: करवा चौथ पर लगवाएं ये खूबसूरत मेहंदी डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफ -
Kojagara Puja 2026: कोजागरी पूजा कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और मां लक्ष्मी की पूजा विधि -
White Ghee Vs Yellow Ghee: सफेद या पीला घी, सेहत के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद? जानिए डायटीशियन की राय -
World Polio Day 2026: पोलियो कैसे होता है? जानिए इसके शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय -
Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या है नियम -
शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में क्यों रखी जाती है खीर? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण -
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ से पहले चेहरे पर चाहिए नेचुरल ग्लो? ट्राई करें शहनाज हुसैन के ये 5 होममेड फेस पैक -
Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय
क्या है पिंक लिक्विड? जिसका कैलिफोर्निया के जंगल में लगी आग को बुझाने में हो रहा है इस्तेमाल
अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में जंगलों की आग ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है और आर्थिक नुकसान 11.60 लाख करोड़ से 13 लाख करोड़ रुपये तक आंका गया है। आग बुझाने के प्रयास में दमकल की गाड़ियां, जमीनी टीमें, और हेलीकॉप्टर लगातार काम कर रहे हैं।
अब इस आग पर काबू पाने के लिए हेलीकॉप्टर से एक गुलाबी रंग का पदार्थ गिराया जा रहा है, जो अब चर्चा में बना हुआ है कि आखिर ये क्या है? यह एक अग्निरोधी केमिकल होता है, जिसमें पानी, फर्टिलाइजर, और अन्य तत्व शामिल होते हैं। यह पदार्थ आग की तीव्रता को कम करने और उसकी फैलने की रफ्तार रोकने में असरदार साबित होता है।

क्या है पिंक लिक्विड?
कैलिफ़ोर्निया के जंगलों में आग से निपटने के लिए अमेरिकी फायरफाइटर एक गुलाबी रंग के फायर रिटार्डेंट का उपयोग कर रहे हैं, जिसे 'फॉस-चेक' कहते हैं। जिसमें पानी, साल्ट्स (केमिकल्स) और उर्वरक होते हैं, साथ ही अमोनियम फॉस्फेट का घोल होता है। यह मिश्रण आग की ऑक्सीजन को अवरुद्ध कर देता है, जिससे आग को बुझाने में मदद मिलती है। फॉस-चेक में गुलाबी रंग मिलाया जाता है ताकि फायरफाइटर्स इसे आसानी से देख सकें और सही स्थान पर इसका छिड़काव कर सकें। यह रिटार्डेंट आग के रास्ते में पौधों पर एक परत बनाता है, जो ऑक्सीजन की आपूर्ति रोककर आग को धीमा कर देता है। यह विधि जीवन और संपत्ति की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
पर्यावरण के लिए है नुकसानदायक
पर्यावरण विशेषज्ञों ने फॉस-चेक के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई है। 2024 में यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलिफ़ोर्निया के शोध में पाया गया कि इसमें क्रोमियम और कैडमियम जैसी जहरीली धातुएं होती हैं, जो कैंसर और किडनी व लिवर की बीमारियां पैदा कर सकती हैं। यह रसायन पानी के स्रोतों में पहुंचकर जलीय जीवों के लिए घातक साबित हो सकता है।
साथ ही, फॉस-चेक की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठे हैं। यह आग बुझाने की अन्य रणनीतियों के साथ इस्तेमाल होता है, जिससे अकेले इसकी भूमिका स्पष्ट नहीं हो पाती। इसकी असर क्षमता इलाके, ढलान, और मौसम जैसी पर्यावरणीय परिस्थितियों पर निर्भर करती है, जो जलवायु परिवर्तन से और जटिल हो गई हैं।
अमेरिका में धड़ल्ले से हो रहा है इस्तेमाल
जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, जंगलों में आग की घटनाएं और तीव्रता बढ़ रही हैं। इस वजह से अमेरिका में हवाई फायर रिटार्डेंट के इस्तेमाल में भी वृद्धि हुई है। 2009 से 2021 के बीच, सरकारी, राज्य और निजी जमीनों पर 440 मिलियन गैलन से अधिक फॉस-चेक रिटार्डेंट का उपयोग किया गया, जिससे पर्यावरण में बड़ी मात्रा में जहरीली धातुएं छोड़ी गई हैं।
गुलाबी रंग का फॉस-चेक आग बुझाने में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन इसके पर्यावरणीय प्रभाव और वास्तविक प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। इन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए, भविष्य में अधिक सुरक्षित और प्रभावी आग बुझाने के तरीकों का विकास करना आवश्यक है।



Click it and Unblock the Notifications
