Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
Independence Day 2025: जब भारत-पाक एक साथ हुए थे आज़ाद, तो तारीख में क्यों है फर्क?
Why Pakistan celebrates Independence Day on 14 August : भारत और पाकिस्तान दोनों को आज़ादी एक ही दिन 15 अगस्त 1947 को मिली थी। लेकिन आज़ादी का जश्न मनाने के मामले में दोनों देशों के कैलेंडर अलग हैं।
भारत 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाता है, जबकि पाकिस्तान एक दिन पहले यानी 14 अगस्त को "यौम-ए-आजादी (Independence Day) के रूप में सेलिब्रेट करता है। यह अंतर कई बार लोगों को हैरान कर देता है और मन में सवाल उठता है, जब आज़ादी एक ही दिन मिली, तो तारीख अलग क्यों? इसके पीछे कई ऐतिहासिक, धार्मिक और समय-संबंधी वजहें बताई जाती हैं।

1. ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन की भूमिका
इतिहास के अनुसार, ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने भारत और पाकिस्तान दोनों की आज़ादी के लिए 15 अगस्त 1947 की तारीख तय की थी। लेकिन विभाजन की प्रक्रिया के तहत उन्हें दोनों देशों में शक्ति हस्तांतरण (Power Transfer) करना था।
15 अगस्त को उन्हें दिल्ली में रहकर भारत को स्वतंत्रता दिलाने की औपचारिक घोषणा करनी थी। इसलिए पाकिस्तान के लिए उन्होंने यह कार्यक्रम एक दिन पहले यानी 14 अगस्त 1947 को आयोजित किया। उस दिन माउंटबेटन कराची पहुंचे और वहाँ उन्होंने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना को स्वतंत्र राष्ट्र का प्रमाण सौंपा। इस तरह पाकिस्तान ने आधिकारिक रूप से 14 अगस्त को स्वतंत्रता प्राप्त की और उसी दिन को राष्ट्रीय दिवस के रूप में अपनाया।
2. रमज़ान का पवित्र महीना
एक दूसरी थ्योरी के अनुसार, अगस्त 1947 में इस्लामिक कैलेंडर का पवित्र महीना रमज़ान चल रहा था। 14 और 15 अगस्त की मध्यरात्रि रमज़ान के 27वें रोज़े के साथ मेल खाती थी, जिसे मुस्लिम समुदाय में लैलत-उल-क़द्र (शब-ए-क़द्र) के नाम से जाना जाता है। यह दिन इस्लाम में बेहद शुभ और पवित्र माना जाता है।
इस धार्मिक संयोग को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान ने 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में चुनना अधिक उपयुक्त समझा। इस तरह धार्मिक महत्व भी इस तारीख को चुनने का एक बड़ा कारण बना।
3. समय का अंतर
भारत और पाकिस्तान के मानक समय (Standard Time) में 30 मिनट का अंतर है। जब भारत में आधी रात 12 बजे (15 अगस्त की शुरुआत) स्वतंत्रता की घोषणा हुई, तब पाकिस्तान में घड़ी में केवल रात 11:30 बजे थे, यानी वहाँ अभी 14 अगस्त ही चल रहा था। इस समय के अंतर के कारण पाकिस्तान ने अपने स्वतंत्रता दिवस की तिथि 14 अगस्त मान ली।
पाकिस्तान में स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाया जाता है?
पाकिस्तान में स्वतंत्रता दिवस का जश्न पूरे जोश और देशभक्ति के साथ मनाया जाता है। लोग एक-दूसरे को "यौम-ए-आजादी मुबारक" कहकर शुभकामनाएं देते हैं।
राष्ट्रीय कार्यक्रम - राजधानी इस्लामाबाद में सबसे बड़े आधिकारिक कार्यक्रम होते हैं। संसद भवन (Parliament House) और राष्ट्रपति भवन (Presidency) पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है।
तोपों की सलामी - इस अवसर पर 31 तोपों की सलामी दी जाती है, जो स्वतंत्रता के सम्मान का प्रतीक है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का संबोधन - देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं, जिसे टीवी और रेडियो पर लाइव प्रसारित किया जाता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम - देशभर में स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, परेड, नाटक, और देशभक्ति गीतों के आयोजन होते हैं।
सजावट - घरों, बाजारों और सरकारी भवनों को हरे और सफेद रंग की रोशनी और झंडों से सजाया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications
