Latest Updates
-
Sarva Pitru Amavasya 2026: 9 या 10 अक्टूबर, सर्वपितृ अमावस्या कब है? जानें तिथि, कुतुप-रौहिण मुहूर्त और महत्व -
Indian Air Force Day 2026: दुनिया की सबसे ताकतवर एरयफोर्स में से एक है भारतीय वायुसेना, जानें 10 खास बातें -
35 साल की उम्र में दूसरी बार मां बनेंगी कियारा आडवाणी , जानिए इस उम्र में मां बनना कितना सेफ है? -
Nana Patekar Net Worth: 35 रुपये महीने से करोड़ों तक, जानें अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए नाना पाटेकर? -
Nana Patekar Family: नाना पाटेकर के परिवार में कौन-कौन है? पत्नी से रहते थे अलग, कम उम्र में खो दिया था बेटा -
नाना पाटेकर का 75 की उम्र में Cardiac Arrest से निधन, समझिए हार्ट अटैक से कितने अलग होते है इसके लक्षण -
Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में किस दिन कौन से रंग के कपड़े पहनें? यहां देखें 11-19 अक्टूबर की पूरी लिस्ट -
Navratri Va Durga Puja: नवरात्रि और दुर्गा पूजा में क्या अंतर है? एक ही देवी, फिर क्यों अलग हैं दोनों पर्व -
Navratri Recipes 2026: डायबिटीज के मरीज नवरात्रि व्रत में खाएं ये 5 शुगर फ्री रेसिपी, नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
मानसून में डायबिटीज के मरीज पैरों का ख्याल कैसे रखें? डॉक्टर से जानें आसान फुट केयर टिप्स
World Post Day 2026: कब और कैसे हुई विश्व डाक दिवस की शुरुआत? जानें दुनिया के सबसे ऊंचे पोस्ट ऑफिस के बारे में
World Post Day 2026: हर साल 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस (World Post Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को डाक सेवाओं के महत्व और उनकी भूमिका के बारे में जागरूक करना है। आज मोबाइल और इंटरनेट के जरिए कुछ ही सेकंड में संदेश पहुंच जाते हैं, लेकिन डाक सेवाओं की अहमियत अब भी बनी हुई है। चिट्ठियां, जरूरी डॉक्यूमेंट्स और पार्सल पहुंचाने में डाक विभाग का बड़ा योगदान है। एक समय था, जब दूर रहने वाले लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का सबसे आसान और सस्ता माध्यम डाक ही हुआ करता था। आइए, जानते हैं विश्व डाक दिवस का इतिहास और इसके महत्व के बारे में -

विश्व डाक दिवस का इतिहास
9 अक्टूबर 1874 को स्विट्जरलैंड के बर्न शहर में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) की स्थापना हुई थी। उस समय इस संगठन में दुनिया के 22 देश शामिल थे। इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों के बीच डाक सेवाओं को बेहतर बनाना और चिट्ठियों के आदान-प्रदान को आसान करना था। यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन डाक सेवाओं से जुड़ा पहला अंतरराष्ट्रीय संगठन बना। इसके गठन से अलग-अलग देशों के बीच डाक व्यवस्था को व्यवस्थित करने में मदद मिली। इसके बाद साल 1969 में जापान की राजधानी टोक्यो में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन का एक सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया गया। तब से हर साल इस दिन को मनाया जाता है।
विश्व डाक दिवस का महत्व
विश्व डाक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को डाक सेवाओं की उपयोगिता के बारे में बताना है। डाक विभाग लंबे समय से लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम कर रहा है। खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में डाक सेवाएं आज भी जरूरी सुविधाएं पहुंचाने में मदद करती हैं। डाक विभाग का काम केवल चिट्ठियां और पार्सल पहुंचाना ही नहीं है, बल्कि यह कई वित्तीय और अन्य जरूरी सेवाएं भी उपलब्ध कराता है। इसके अलावा, डाक सेवाओं से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है। विश्व डाक दिवस के जरिए आर्थिक और सामाजिक विकास में डाक सेवाओं के योगदान को भी समझने का मौका मिलता है।
विश्व डाक दिवस 2026 थीम
विश्व डाक दिवस 2026 की थीम "एक डाक नेटवर्क, अनंत संभावनाएं (One Postal Network, Infinite Possibilities)" है। यह थीम वैश्विक डाक नेटवर्क की एकजुटता और लोगों, व्यवसायों तथा समुदायों के लिए इसके माध्यम से खुलने वाले नए अवसरों को दर्शाती है।
भारत में है दुनिया का सबसे ऊंचा पोस्ट ऑफिस
दुनिया का सबसे ऊंचा पोस्ट ऑफिस हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी के हिक्किम गांव में स्थित है। यह 14,567 फीट यानी 4,440 मीटर की ऊंचाई पर है। साल 1983 में शुरू हुआ यह डाकघर दूर-दराज के गांवों तक चिट्ठियां पहुंचाने का काम करता है। बर्फीले पहाड़ों के बीच बना यह पोस्ट ऑफिस आसपास के गांवों के लोगों को बाकी दुनिया से जोड़ता है। यहां लोग चिट्ठियां भेजने और पैसे जमा कराने आते हैं। भारी बर्फबारी के कारण सर्दियों में यह पोस्ट ऑफिस करीब छह महीने तक बंद रहता है।



Click it and Unblock the Notifications
