Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
सावधान! कानपुर में 4 साल के बच्चे की गले में टॉफी फंसने से हुई मौत, गलती से भी खाने को न दें ये चीजें
कानपुर में चार साल के बच्चे की टॉफी गले में फंसने से हुई मौत हो गई। यह घटना कानपुर की बताई जा रही है, जहां चार साल का बच्चा अपनी मां के साथ घर पर था और खेलते हुए उसने टॉफी खा ली। टॉफी का एक टुकडा उसके गले में फंस गया, जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत शुरु हो गई, बच्चे ने तुरंत अपनी मां को इस बारे में बताया और उसकी मां ने पानी पिलाने की कोशिश की ताकि टॉफी गले से नीचे चली जाए, लेकिन पानी पिलाने से समस्या और बढ़ गई और टॉफी गले में और अंदर जाकर फंस गई।
बच्चा करीब 3 घंटे तक तड़पता रहा। आनन-फानन में मां ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल में लेकर पहुंची, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी, अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की सांसे रुक चुकी थीं।

आइए जानते हैं कि अगर कभी बच्चे के गले में कुछ फंस जाएं, तो तुरंत क्या करना चाहिए और 5 साल से छोटे बच्चों को ऐसी कौनसी चीजें नहीं खिलानी चाहिए जो उनके गले में फंस सकती हैं।
इस वजह से गई जान
बच्चे के गले में फंसी टॉफी ने उसकी सांस की नली (airway) में अवरोध पैदा हो गया। जब गले में कोई चीज फंस जाती है, तो वह ऑक्सीजन की आपूर्ति को बाधित कर सकती है, जिससे सांस रुक जाती है। इस स्थिति को airway obstruction कहा जाता है, और यदि इसे तुरंत हटाया न जाए, तो व्यक्ति का दम घुट सकता है।
5 साल से छोटे बच्चे को ये चीजें देने से बचे
5 साल से छोटे बच्चों को खिलाते समय हमेशा ध्यान रखें कि वे भोजन को धीरे-धीरे चबाकर खाएँ और कोई भी खतरनाक भोजन उनके गले में न फंसे।
- बादाम, अखरोट, मूंगफली जैसे बड़े और कठोर मेवे गले में फंस सकते हैं। इन्हें छोटे टुकड़ों में काटकर या पीसकर दें।
- साबुत अंगूर, चेरी, या छोटे टमाटर गले में अटक सकते हैं। इन्हें हमेशा आधे या चौथाई टुकड़ों में काटकर दें।
- गम और हार्ड कैंडी को बच्चे आसानी से निगल सकते हैं और ये गले में फंसने का खतरा पैदा करते हैं।
- पॉपकॉर्न का आकार और बनावट बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है और यह गले में अटक सकता है।
- सॉसेज और मांस के टुकड़े गोल होने के कारण गले में फंस सकते हैं। इन्हें छोटे और पतले टुकड़ों में काटकर दें।
- कच्ची सब्जियाँ कठोर होती हैं और गले में फंस सकती हैं, इसलिए इन्हें छोटे टुकड़ों में काटकर, या पकाकर दें।
बच्चे को खांसने के लिए कहे
यदि बच्चा खांस सकता है, तो उसे और खांसने के लिए कहें। इससे फंसी हुई वस्तु को बाहर निकलने में मदद मिल सकती है।
हैमलिक मैन्युवर (Heimlich Maneuver)
बच्चा अगर 1 से अधिक उम्र का है, तो बच्चे को अपनी गोद या कुर्सी पर सामने की ओर झुकाएं। उनके पेट के ऊपर, नाभि के थोड़ा ऊपर और छाती के नीचे हाथ रखें। अपने हाथों को मुट्ठी में बदलकर पेट पर दबाव डालें, जिससे फंसी हुई वस्तु बाहर निकल सके।
पीठ पर थपकी दें
छोटे बच्चों या शिशुओं के लिए बच्चे को अपने एक हाथ और जांघ पर उल्टा करके झुकाएं। उनकी पीठ के बीच में, कंधों के बीच में पांच हल्के थपके दें। अगर वस्तु बाहर नहीं निकलती है, तो एक बार और प्रयास करें।
सीने पर धक्का दें (Chest Thrusts)
शिशु को अपने हाथ और जांघ पर उल्टा करके पकड़ें, ताकि उनका सिर नीचे की ओर हो। छाती के बीच में हल्के धक्के दें, जिससे गले में फंसी चीज बाहर निकल सके।
इमरजेंसी हेल्प बुलाएं
अगर उपरोक्त सभी प्रयासों के बावजूद फंसी वस्तु बाहर नहीं निकलती है और बच्चे की हालत गंभीर होती जा रही है, तो तुरंत एम्बुलेंस या चिकित्सीय सहायता के लिए कॉल करें।
सावधानियां
- बच्चों को पीने के लिए पानी न पिलाएं, क्योंकि इससे फंसी हुई चीज और नीचे धंस सकती है।
- बच्चों को सिखाएं कि वे भोजन को अच्छी तरह चबाकर ही निगलें।
- बच्चों को खाने के समय हमेशा निगरानी में रखें और छोटे, कठिन चबाने वाले खाद्य पदार्थ जैसे टॉफी, नट्स, अंगूर, पॉपकॉर्न, और साबुत कैंडीज़ से बचें।



Click it and Unblock the Notifications
