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बेबी को बार-बार हो रहा है डायपर रैशेज, कहीं आप ये चीजें तो नहीं खिला रहीं हैं?
Foods That Can Cause Baby Diaper Rash : छोटे बच्चों को अक्सर डायपर रैश की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसा माना जाता है कि समय से बेबी के डायपर चेंज ना करने या फिर स्टूल के साथ लंबे समय तक डायपर पहने रहने से बेबी को डायपर रैश की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन डायपर रैश के सिर्फ यही कारण नहीं है। बेबी का खानपान भी डायपर रैश की प्रॉब्लम को ट्रिगर कर सकता है।
हालांकि, खाना सीधे तौर पर डायपर रैश का कारण नहीं बनता है, लेकिन कुछ ऐसे फूड आइटम्स होते हैं, जो बेबी के मल या मूत्र में बदलाव ला सकते हैं जिससे डायपर रैश का खतरा बढ़ सकता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही फूड्स आइटम्स के बारे में बता रहे हैं, जो बेबी में डायपर रैश की समस्या का कारण बन सकते हैं-

डाइट और डायपर रैश का क्या है कनेक्शन
डायपर रैश के लिए जिम्मेदार फूड आइटम्स के बारे में जानने से पहले आपको यह समझना होगा कि बेबी की डाइट और डायपर रैश का आपस में क्या कनेक्शन है। दरअसल, जब बेबी की उम्र बढ़ने लगती है तो वे मां के दूध के साथ-साथ सॉलिड फूड्स लेना भी शुरू कर देते हैं। लेकिन उस उम्र तक बेबी का पाचन तंत्र पूरी तरह से विकसित नहीं होता है। ऐसे में सॉलिड फूड्स का सेवन करने से उनके स्टूल की फ्रीक्वेंसी चेंज होती है। हो सकता है कि उन्हें बार-बार मल त्याग करना पड़े। कई बार कुछ फूड्स इनटॉलरेंस के कारण भी उन्हें डायरिया हो सकता है और ऐसे में उन्हें बार-बार डायपर चेंज करने की जरूरत पड़ती है। जिससे बेबी को डायपर रैश की समस्या हो सकती है।
खट्टे फल
बेबी में डायपर रैश को खट्टे फल ट्रिगर कर सकते हैं। संतरे, नींबू और अंगूर जैसे खट्टे फल एसिडिक हो सकते हैं और इनके सेवन से बच्चे का पेट इरिटेट हो सकता है। इसलिए अगर बेबी को बार-बार डायपर रैश की समस्या हो रही है तो ऐसे में आप उन्हें कुछ वक्त के लिए खट्टे फल देने से बचें।
टमाटर
बेबी में टमाटर का सेवन करना भी डायपर रैश का कारण बन सकता है। दरअसल, टमाटर में ऑक्सालिक एसिड होता है, जो बच्चे के पाचन तंत्र के लिए भी परेशानी भरा हो सकता है। जिससे बच्चे को बार-बार स्टूल आ सकते हैं, जिससे उन्हें डायपर रैश की समस्या हो सकती है। इसलिए, कोशिश करें कि आप टमाटर और टमाटर बेस्ड डिशेज को बेबी की डाइट से बाहर कर दें।

मसालेदार भोजन
अगर बेबी की डाइट में मिर्च-मसाले कम उम्र से ही शामिल कर दिए जाते हैं तो इससे उन्हें पाचन संबंधी असुविधा हो सकती है। ऐसे में बेबी को दस्त हो सकते हैं और इससे डायपर रैश की संभावना बढ़ सकती है।
बहुत अधिक शुगरी फूड्स
अगर बेबी को बहुत अधिक शुगरी फूड्स दिए जाते हैं तो इससे गट बैक्टीरिया में असंतुलन हो सकता है, जिसके कारण बेबी को दस्त हो सकते हैं, जो संभावित रूप से डायपर रैश की परेशानी बढ़ा सकते हैं।
गाय का दूध
एक साल से कम उम्र के बच्चों को गाय का दूध नहीं देना चाहिए। अगर एक साल से कम उम्र के बच्चे गाय का दूध लेते हैं तो इससे उनके पाचन तंत्र में जलन हो सकती है। ऐसे में उनके स्टूल पैटर्न में भी बदलाव आ सकता है और उन्हें डायपर रैश की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। एक साल की उम्र के बाद बच्चा गाय के दूध का सेवन कर सकता है।
बेरीज
अगर आपका बच्चा लगातार डायपर रैश के कारण परेशान है तो आपको यह जरूर चेक करना चाहिए कि आपने उसकी डाइट में इन दिनों में बेरीज को तो शामिल नहीं किया। चेरी, स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी में साइट्रिक और मैलिक एसिड, सुक्रोज और ग्लूकोज होते हैं। जिससे बेबी के पाचन तंत्र और स्टूल में बदलाव आ सकता है। जिससे उन्हें डायपर रैश की समस्या हो सकती है।



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