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Trauma Bonding : ट्रॉमा बॉन्डिंग क्या है? क्यों लोग खराब रिश्ते से उबर नहीं पाते
एक ट्रॉमा बॉन्ड, अनहेल्दी रिश्ता होता है, ये जरूरी नहीं है कि पति पत्नी के बीच ही ट्रॉमा बॉन्ड हो, ये परिवार के सदस्यों के साथ भी हो सकता है। ट्रॉमा बॉन्ड में कोई शख्स तमाम तकलीफो में होते हुए भी रिलेशनशिप में फंसा होता है, वो अपने इस रिश्ते से निकल नहीं पा रहा होता है। भले ही वो मेंटल टॉर्चर, और सामने वाले शख्स के द्वारा प्रताड़ित हो।

इमोशनल कनेक्शन के कारण पीड़ित व्यक्ति तकलीफ देने वाले व्यक्ति को नहीं छोड़ पाता। उन रिलेशनशिप्स में ट्रॉमा बॉन्डिंग ज्यादा देखा जाता है, जहां पर एक पार्टनर अपने दूसरे पार्टनर को ज्यादा चाहता है, लेकिन दूसरे पार्टनर को अपने पार्टनर से मतलब नहीं होता है।
'ट्रॉमा बॉन्ड' की स्थिति काफी दर्दनाक होती है, इसमें ना ही व्यक्ति अपने रिश्ते को उगल पाता है ना ही निगल पाता है। सिर्फ तकलीफ में रहता है। आप अपने पार्टनर को छोड़ने के ख्याल से डर जाते हैं। आप फिजिकल और इमोशनल रूप से परेशान रहते हैं। आप उसके दुर्व्यवहार को भी नजरअंदाज़ करते जाते हैं और उसका बल बढ़ता जाता है। ये 'ट्रॉमा बॉन्ड' की निशानी है।

ट्रॉमा बॉन्ड के संकेतों को जानना बहुत जरूरी है और इससे बाहर निकलना भी बहुत अहम है। जानते हैं कि ट्रॉमा बॉन्ड से आप कैसे उबर सकते हैं-
उसकी बातों में ना आएं-
अगर आप सोंचे की आपका पार्टनर आपसे मिसबिहेव करने के बाद आपसे सॉरी बोलता है। आप ये सोंचते हैं कि आप उसके दुर्व्यवहार को बर्दाश्त कर रही हैं लेकिन वो अच्छा हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं है, वो आपके साथ अच्छा व्यवहार बिहेव करेगी ऐसा नहीं होता है।

मारपीट का रखें सबूत
अगर आपका पार्टनर आपके साथ मिसबिहेव करता है, मारपीट करता है तो इसका सबूत जरूर रखें। अगर आप अपने रिश्ते से निकलने के बारें में सोंच रही हैं तो आपको पूरी हिम्मत के साथ बाहर निकलना होगा। अगर वो बार बार आपसे कहे कि वो आपको प्यार करता है, लेकिन उसका बिहेव आपके साथ अच्छा ना हो तो आप उसे इग्नोर करना शुरू कर दें।

अपने बारें में सोंचना शुरू करें
आप उसे छोड़ कर उसे अपने बारें में सोंचना शुरू करें। आप इस बारें में सोंचे की वो आखिर कार आप उसके व्यवहार को क्यो बर्दाश्त कर रही हैं। इससे संबंधित सवालों के जवाब जानें। ऐसी स्थिति में खुद से बात करें और निष्कर्ष निकालें।



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