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च्यवनप्राश: लाभ, दुष्प्रभाव और कैसे करें इसका इस्तेमाल

च्यवनप्राश के चमत्कारी गुणों के बारे में कौन नहीं जनता। इस आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों वाले टॉनिक में अद्भुत स्वास्थ्य लाभ छिपे हुए हैं। यह माना जाता है कि च्यवनप्राश की खोज 'च्यवन' नामक एक ऋषि द्वारा की गयी थी। उन्होंने ही पहली बार, अपने यौवन और आयु को बढ़ने के लिए इस चमत्कारी टॉनिक की खोज की थी।
च्यवनप्राश में एंटी एजिंग तत्व मौजूद हैं जो पूरी तरह से हर्बल हैं। इसमें आंवला मुख्य सामग्री है जो बेहद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है।
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च्यवनप्राश किस तरह से आपको जवान रहने में मदद करता है?
ज्ञात हो कि झुर्रियाँ, महीन रेखाएं और सफ़ेद बाल बुढ़ापा आने के सूचक हैं। च्यवनप्राश में भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जिससे ये आपको जवान रहने में मदद करता है। यह 'रसायन' के अंतर्गत वर्गीकृत उत्पाद है जो आप को जवान बनाये रखता है।
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शारीरिक दृष्टिकोण से, च्यवनप्राश के काम करने की विधि कुछ इस प्रकार है:
- कोशिकाओं की उम्र नहीं बढ़ने देता।
- शरीर के ऊतकों के पोषण स्तर में सुधार लाता है।
- मुक्त कणों से होनेवाले नुकसान से आपकी त्वचा की रक्षा करता है।
- पाचन शक्ति बढ़ाता है ( जो ख़ूबसूरत त्वचा पाने के लिए महत्वपूर्ण है )
- आपके शरीर के गहरे उतकों को ऑक्सीजन की कमी से बचाता है।

च्यवनप्राश के चमत्कारी गुण
- यौन उत्तेजना में सहायक है।
- स्मृति, एकाग्रता और सतर्कता में वृद्धि करता है।
- आपके शरीर के इम्यून सिस्टम में सुधार और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
- आपके रेस्पिरेटरी सिस्टम को मज़बूत करता है।
- जुकाम और संक्रमण से आपकी रक्षा करता है।
- मासिक धर्म को नियमित करता है (प्री मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम को काम करता है )

च्यवनप्राश के चमत्कारी गुण
- रक्त, यकृत और आंतों से विषाक्त पदार्थों को दूर करता है।
- खून साफ़ करता है, हीमोग्लोबिन बढ़ाता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है।
- रक्तचाप को नियंत्रित करता है।
- बालों और नाखूनों को मजबूत बनाता है।
- वज़न घटाने में सहायक है।

च्यवनप्राश में प्रयोग होने वाली सामग्री:
इस चमत्कारी हर्बल टॉनिक में 49 आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का प्रयोग होता है। आंवला इस टॉनिक की मुख्य सामग्री है। 100 ग्राम च्यवनप्राश में लगभग 15,000 मिलीग्राम आंवले का इस्तेमाल होता है। इसमें अन्य शक्तिशाली जड़ी बूटियों का भी प्रयोग होता है जिनके कईं स्वास्थ्य लाभ हैं। इनकी सूची कुछ इस प्रकार है : अश्वगंधा, विदारीकन्द, पुरारिआ, पिप्पली, लंबी काली मिर्च, सफेद चंदन, इलायची, तुलसी, ब्राह्मी, अर्जुन, जटामानसी, नीम तथा अन्य बूटियां।

इसका सेवन किन्हें करना चाहिए ?
च्यवनप्राश एक सुरक्षित हर्बल टॉनिक है और इसका सेवन कसी भी उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है। यह आपके स्वास्थ्य को ठीक रखने और आपको दीर्घायु बनाने के लिए एक अचूक दवाई है।

कितना सेवन करें ?
एक या दो बड़े चम्मच च्यवनप्राश को सुबह दूध के साथ (गरम दूध हो तो बेहतर) मिलाकर रोज़ सुबह नाश्ते से पहले लें।

सही च्यवनप्राश की पहचान किस प्रकार करें ?
गंध - दालचीनी, इलायची और लंबी काली मिर्च का खट्टा और मसालेदार स्वाद।
स्वाद - मसालेदार स्वाद, अधिक खट्टापन और काम मिठास।
जल परीक्षण- एक चम्मच च्यवनप्राश को पानी में डालें। पानी में डालने पर अगर च्यवनप्राश डूब जाता है तो आपका च्यवनप्राश ठीक है। अगर इसके कण पानी में तैरें तो समझिए कि आपका च्यवनप्राश ठीक नहीं है।
निरंतरता - मुलायम पेस्ट। न तो बहुत ठोस, और न ही बहुत पनिहल।

क्या च्यवनप्राश से आपका वज़न बढ़ सकता है ?
सिर्फ एक या दो बड़े चम्मच च्यवनप्राश का सेवन रोज़ करने से आपके वज़न में वृद्धि नहीं होती। च्यवनप्राश में घी का इस्तेमाल होता है पर दिन में एक या दो चम्मच च्यवनप्राश में घी की मात्रा बहुत कम होती है।

इसके सेवन से अगर पेट में जलन हो तो क्या करें ?
च्यवनप्राश के सावन के तुरंत बाद अगर दूध पिया जाये तो यह समस्या नहीं होती।

इसे गरम दूध के साथ लें या ठंडे दूध के साथ?
हल्का गरम दूध ठंडे दूध से ज़्यादा फायदेमंद है। यह पाचन क्रिया में सहायक है परंतु ऐसा कोई अनिवार्य नियम नहीं है।

क्या इसे घी के साथ लेना चाहिए ?
च्यवनप्राश में घी पहले से ही होता है इसलिए यह सलाह दी जाती है कि इसे अधिकतम घी के साथ न लिया जाये। च्यवनप्राश का सेवन दूध या पानी के साथ मिलाकर करने से घी के मुकाबले ज़्यादा फायदा करता है।

क्या बच्चे च्यवनप्राश का सेवन कर सके हैं?
पांच साल या उससे ज़्यादा के बच्चों को च्यवनप्राश का सेवन कराया जा सकता है। फिर भी सुरक्षित उपाय यह है कि बच्चों को एक चौथाई या आधा चम्मच च्यवनप्राश ही दूध के साथ दिया जाये।

च्यवनप्राश के साइड इफेक्ट
- कुछ लोगों को च्यवनप्राश के सेवन से पेट में जलन की तकलीफ होती है। ऐसे में यह सलाह दी जाती है कि इसका सेवन करने के बाद हल्का गरम दूध पिया जाये तो ऐसी समस्या नहीं होती।
- कुछ लोगों को आंवला की वजह से दस्त की शिकायत हो सकती है।

च्यवनप्राश के साइड इफेक्ट
- क्यूंकि च्यवनप्राश में चीनी होता है तो मधुमेह रोगियों को डॉक्टर के परामर्श अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए।
- च्यवनप्राश यूँ तो एक सुरक्षित दवा है पर हर किसी का शरीर अलग होता है और आपको कोई भी ऐसी दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य परामर्श करना चाहिए।



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