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कल है साल का पहला चंद्रग्रहण, 108 दिन तक रहेगा इसका बुरा असर.. जानें उपाय

कल यानी 31 जनवरी को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण है। 150 सालों बाद 'सुपर मून', 'ब्लू मून' और चंद्र ग्रहण जैसी तीनों स्थितियां एक साथ बन रही है जिसे Super Blue Blood Moon कहते है।

जैसे कि इस बार चंद्रग्रहण की ये दुलर्भ स्थिति बन रही है तो इसका प्रभाव बहुत सी राशियों में पड़ेगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण बुधवार को शाम 6 बजकर 22 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषों के अनुसार इस बार के चंद्रग्रहण का असर 108 दिनों तक रहेगा। ज्योतिष इस ग्रहण को अशुभ मान रहे हैं, इसलिए कुछ उपायों से आप इस ग्रहण के नकारात्मक उपाय से बच सकते हैं।

108 दिन तक रहेगा चंद्र ग्रहण का असर
साल का पहला चंद्रग्रहण है, ज्योतिषों के अनुसार ये चंद्रग्रहण का असर अशुभ माना जा रहा है इसका असर 108 दिनों तक माना जा रहा है। वैसे तो इसका असर हर राशि पर अलग अलग पड़ेगा, लेकिन इस दिन खास उपायों से इसके असर से बचा जा सकता है।

ये राशि वाले रहें बचके
यह ग्रहण पुष्य और अश्लेषा नक्षत्र एवं कर्क राशि पर पड़ेगा। इसलिए जन्म व नाम के अनुसार जिन लोगों की राशि कर्क और नक्षत्र पुष्य व अश्लेषा है वो सीधे इस ग्रहण से प्रभावित होंगे, इसलिए इस ग्रहण में उनको बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए।

ये चीजें करने से बचें..
चंद्र ग्रहण 31 जनवरी को 8 बजकर 19 मिनट से लग जाएगा। ग्रहण के सूतककाल में भोजन, शयन, मूर्ति स्पर्श, हास्य विनोद नहीं करना चाहिए। ग्रहण में स्नान करते समय मंत्रोच्चारण न करें। घर में अगर किसी का जन्म हुआ है या किसी का मरण तब उस समय ग्रहण लगने पर स्नान करना जरुरी हेाता है। ग्रहण के दौरान शुभ कार्य करने से बचें। इस समय भी मंदिरों के द्वार बंद रहते हैं।

गर्भवती महिलाएं रखें इस दिन खास ध्यान..
गर्भवती स्त्री को ग्रहण के समय मुख्य तौर पर नियमों का पालन करना चाहिए। उन्हें चंद्रग्रहण के समय घर के बाहर पांव नहीं रखना चाहिए। परिवारवालों को चाहिए कि वे गर्भवती स्त्री के कमरे में गोबर से ही स्वास्तिक का निशान बना दें। यह उन्हें किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा से दूर रखेगा।

ये न करें गर्भवती महिलाएं
गर्भवती महिलाओं को इस दिन कोई भी चीज काटनी नहीं चाहिए और न ही सुई धागे का प्रयोग करना चाहिए। ये चीजें होने वाले बच्चे के लिए सही नहीं मानी जातीं।
गर्भवती महिला को चंद्र ग्रहण को सीधे तौर पर नहीं देखना चाहिए। माना जाता है कि इससे निकलने वाली तरंगें बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

क्या करें?
- दान में आटा, चावल, चीनी, दाल दें।
- ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए दुर्गा चालीसा या श्रीमदभागवत गीता आदि का पाठ भी करें।
- जिनकी कुंडली में साढ़े साती का समय गुजर रहा है तो शनि मंत्र का जाप करें या फिर हनुमान चालीसा पढ़े।



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