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नए घर में करने जा रहे हैं एंट्री तो इन बातों को नजरअंदाज करने की ना करें गलती
जब कोई परिवार एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाता है और नए घर में प्रवेश करता है तो उस जगह को लेकर उनके मन में कई तरह की उत्सुकताएं रहती हैं। चाहे नया घर किराए का हो या फिर खुद का, मन में अलग अलग तरह के विचार आते हैं और उम्मीद करते हैं कि सब कुछ अच्छा और सकारात्मक रहे। नया घर परिवार के लिए शुभ रहे। साथ ही यहां परिवार में सुख समृद्धि और मंगल कार्य हों। नए घर में प्रवेश के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि उस स्थान पर आपका सौभाग्य और यश बढ़े।

1.
किसी विद्वान की मदद से गृह प्रवेश के लिए दिन, तिथि और समय तय कर लें तथा उनकी मौजूदगी में विधिपूर्वक मंत्रों के उच्चारण के साथ नए घर में प्रवेश करें।
2.
जानकारों के मुताबिक माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ माह गृह प्रवेश के लिहाज से उत्तम रहते हैं। वहीं आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, पौष को शुभ नहीं माना जाता है।
3.
गृह प्रवेश के लिए मंगलवार तथा कुछ खास मौकों पर शनिवार और रविवार के दिन ठीक नहीं माने जाते हैं। हफ्ते के बाकि दिन ये शुभ काम किया जा सकता है।
4.
पूजन सामग्री में कलश, नारियल, दिया, फूल, शुद्ध जल, कुमकुम, चावल, अबीर, गुलाल, धूपबत्ती रखें। इसमें पांच शुभ मांगलिक वस्तुएं आम या अशोक के पत्ते, पीली हल्दी, गुड़, चावल, दूध आदि भी शामिल किया जाता है।

5.
नए घर में प्रवेश के दौरान मंगल कलश साथ होना चाहिए।
6.
घर के दरवाजे को बंदनवार से सजाएं तथा द्वार पर रंगोली बना लें।
7.
मंगल कलश में शुद्ध जल भरें। फिर उसमें आम या फिर अशोक के आठ पत्ते रखकर उसके बीच में नारियल रखें।
8.
अब कलश और नारियल पर कुमकुम से स्वस्तिक बनाएं।

9.
घर के स्वामी और उनकी अर्धांगिनी को गृह प्रवेश के दौरान पांच मांगलिक वस्तुएं नारियल, पीली हल्दी, गुड़, चावल और दूध अपने साथ लेकर प्रवेश करना चाहिए।
10.
किसी भी शुभ कार्य के लिए भगवान गणेश का स्मरण किया जाता है। गृह प्रवेश वाले दिन गणेश जी की मूर्ति, दक्षिणावर्ती शंख, श्री यंत्र को अपने साथ घर में ले जाना चाहिए।
11.
मंगल गीत के साथ नए घर में प्रवेश करें।
12.
घर में प्रवेश के दौरान पुरुष पहले दाहिना पैर तथा महिला बांया पैर बढ़ाए।

13.
भगवान गणेश का ध्यान करें और गणेश जी के मंत्रों के उच्चारण के साथ घर के ईशान कोण में या फिर पूजा घर में कलश की स्थापना करें।
14.
अपने रसोईघर की भी पूजा करें। चूल्हा, पानी रखने की जगह और स्टोर आदि में धूप और दीपक जलाकर, कुमकुम, हल्दी, चावल आदि से पूजा करें। फिर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं।
15.
पहले दिन किचन में गुड़ और हरी सब्जियां रखना शुभ माना जाता है।
16.
चूल्हा जलाकर सबसे पहले उस पर दूध उबालें।

17.
कुछ मीठा बनाकर उसका भोग लगाएं।
18.
घर में जो भी भोजन तैयार करें, याद से उसका भोग पहले भगवान को लगाएं।
19.
गाय, कौआ, कुत्ता, चींटी आदि के लिए भी भोजन निकालें।
20.
ब्राह्मण या फिर किसी गरीब भूखे जरूरतमंद आदमी को भोजन करा दें। इससे घर में सुख, शांति बनी रहती है। साथ ही हर प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं।



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