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ब्लड मून: 27 जुलाई को है सदी का सबसे लम्बा चन्द्र ग्रहण, जानिए राशियों पर इसका प्रभाव
31 जनवरी 2018 को इस साल का सबसे पहला चंद्र ग्रहण लगा था जिसके बाद 27 जुलाई 2018 को दूसरा चन्द्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह इस साल का नहीं बल्कि पूरे 21वीं सदी का सबसे बड़ा और पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। अगर जानकारों की मानें तो यह विशेष संयोग करीब 104 साल बाद बन रहा है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को पड़ने वाला यह खास चंद्रग्रहण करीब 1 घंटा 43 मिनट तक रहने वाला है। यह ग्रहण भारत ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी दिखाई देगा जैसे दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, पश्चिम एशिया, आस्ट्रेलिया और यूरोप।
इस बार यह ब्लड मून होगा। यह ग्रहण 31 जनवरी के ग्रहण से करीब 40 मिनट ज़्यादा लम्बा होगा। आषाढ़ पूर्णिमा ग्रहण प्रारंभ होने के तीन प्रहर यानी 9 घंटा पहले ही सूतक लग जाएगा इसलिए कुछ बातों का आपको विशेष ध्यान रखना होगा। इस बार यह ग्रहण कुछ ख़ास होने वाला है जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर शुभ अशुभ दोनों ही रूपों से पड़ने वाला है।

इस लेख में हम आपको चंद्र ग्रहण से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां देंगे तो चलिए जानते हैं क्यों है खास यह चन्द्र ग्रहण।
ब्लड मून
चन्द्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी की छाया के कारण पृथ्वी से चाँद पूरी तरह काला दिखाई देता है। वही कुछ समय के लिए यह पूरा लाल हो जाता है इसलिए इसे ब्लड मून कहते हैं। वैसे तो साल में दो बार चन्द्रमा पूरा दिखाई देता है दूसरी बार जब चाँद दिखाई पड़ता है तो उसे ब्लू मून कहते हैं।
क्या है चन्द्र ग्रहण
1. सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी के आ जाने के कारण सूर्य की पूरी रोशनी चंद्रमा पर नहीं पड़ती है तब इसे चंद्रग्रहण कहते हैं।
2. सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा का एक सरल रेखा में होना चंद्रग्रहण की स्थिति बनाता है।
3. चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा की रात में ही होता है। एक साल में कम से कम तीन बार पृथ्वी के उपछाया से चाँद गुजरता है और तब चंद्र ग्रहण लगता है।
4. चंद्रग्रहण भी आंशिक और पूर्ण दोनों होता है।
सूतक काल में बरती जाने वाली सावधानियां
1. हो सके तो घर से बाहर बिल्कुल न निकलें। वैसे बच्चों और बुजुर्गों के लिए कोई खास नियम नहीं होता लेकिन फिर भी इस दौरान घर से बाहर निकलने से बचें।
2. देवी देवताओं की मूर्तियों को ढक कर ही रखें। भूल कर भी उन्हें स्पर्श न करें।
3. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
4. गर्भवती स्त्रियों को अपना ख़ास ध्यान रखना चाहिए। अगर आप गर्भवती हैं तो घर से बाहर न निकले इसके अलावा कटाई, सिलाई, बुनाई आदि जैसे कार्य बिल्कुल न करें।
5. खाना, पीना, नाखून काटना आदि जैसे कार्यों को इस दौरान वर्जित माना गया है।
6. कुंवारी कन्याएं ग्रहण के दौरान यदि घर से बाहर निकलती है या फिर चंद्रमा देखती है तो उनके विवाह में कई प्रकार की बाधाएं आती हैं।
7. बचे हुए खाने में या फिर खाने पीने की सभी चीज़ों में तुलसी के पत्ते ज़रूर डाल दें।
इन राशियों पर पड़ेगा शुभ प्रभाव
मेष: मेष राशि वालों पर इस ग्रहण का प्रभाव शुभ रहेगा। आपको किसी बड़ी परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा। साथ ही आपको सभी चिंताओं से भी मुक्ति मिल जाएगी।
सिंह: इस राशि के जातकों को अपने सभी प्रयासों में सफलता मिल जाएगी साथ ही आपके मान सम्मान में भी वृद्धि होगी।
वृश्चिक: यह ग्रहण वृश्चिक राशि वालों के लिए बेहद शुभ है। आपको कोई शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है।
मीन: मीन राशि वालों को किसी बड़ी मानसिक चिंता से मुक्ति मिल जाएगी और आपको धन लाभ होने का भी योग है।
इन राशियों के लिए यह ग्रहण है अशुभ
मिथुन: मिथुन राशि वालों के लिए यह ग्रहण अशुभ रहने वाला है। कोई शारीरिक कष्ट होने की संभावना है।
तुला: इस राशि के जातकों को सावधान रहने की ज़रुरत है। आप किसी भी तरह के वाद विवाद से बचें नहीं तो आपको अपमान सहना पड़ सकता है।
मकर: आपकी मानिसक चिंता बढ़ेगी साथ ही आपको धन हानि होने की सम्भावना है।
कुम्भ: अपने छुपे हुए दुश्मनों से सावधान रहे क्योंकि आपके खिलाफ कोई बड़ी साज़िश रची जा सकता है। साथ ही आपको व्यापार में भी कोई भारी नुकसान हो सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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