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Chronic Stress And Heart Health: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव यानी स्ट्रेस एक आम समस्या बन चुका है। ऑफिस का काम, परिवार से जुड़ी परेशानियां, पढ़ाई का प्रेशर या रोजमर्रा की दूसरी समस्याएं लंबे समय तक तनाव का कारण बन सकती हैं। कभी-कभार होने वाला तनाव सामान्य है, लेकिन अगर स्ट्रेस लंबे समय तक बना रहे तो इसका असर मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है। क्रॉनिक स्ट्रेस शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ा सकता है। इससे सूजन बढ़ने और ब्लड वेसल्स यानी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है। आइए, इस लेख में पिंपरी, पुणे स्थित डीपीयू सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के प्रोफेसर और एचओडी कार्डियोलॉजी, डॉ. सुशील कुमार मलानी से जानते हैं कि क्रॉनिक स्ट्रेस कैसे बनता है दिल के लिए खतरा?

स्ट्रेस से बढ़ता है हाई ब्लड प्रेशर का खतरा
तनाव के दौरान शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं। इससे दिल तेजी से धड़कने लगता है और रक्त वाहिकाएं सिकुड़ सकती हैं। इसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। अगर लंबे समय तक तनाव बना रहे तो लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर दिल पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
कोलेस्ट्रॉल पर भी पड़ सकता है असर
लंबे समय तक बढ़ा हुआ कोर्टिसोल शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकता है। इससे खराब (LDL) कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और अच्छे (HDL) कोलेस्ट्रॉल के कम होने की स्थिति बन सकती है। इससे धमनियों में प्लाक जमा होने का खतरा बढ़ सकता है, जो आगे चलकर हृदय रोग का कारण बन सकता है।
बढ़ सकता है ब्लड क्लॉट का खतरा
क्रॉनिक स्ट्रेस शरीर के ब्लड क्लॉटिंग सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है। तनाव की स्थिति में प्लेटलेट्स ज्यादा चिपचिपे हो सकते हैं, जिससे खून के थक्के बनने की संभावना बढ़ सकती है। अगर ऐसा थक्का रक्त प्रवाह को रोक दे तो हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है।
दिल की धड़कन हो सकती है अनियमित
बहुत ज्यादा या लंबे समय तक रहने वाला तनाव दिल की धड़कन को भी प्रभावित कर सकता है। कुछ लोगों में इससे धड़कन तेज या अनियमित महसूस हो सकती है। तनाव के कारण सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं, जो कभी-कभी हार्ट अटैक जैसे लग सकते हैं।
तनाव में बढ़ सकती हैं गलत आदतें
तनाव से निपटने के लिए कई लोग ज्यादा खाना, जंक या आराम देने वाले खाद्य पदार्थ खाना, धूम्रपान करना या शारीरिक गतिविधि कम करना शुरू कर देते हैं। ये आदतें भी लंबे समय में दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
तनाव कम करने के लिए अपनाएं ये तरीके
हेल्दी डाइट लें: खाने में ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन शामिल करें। ऑलिव ऑयल और एवोकाडो जैसे हेल्दी फैट्स लें। साथ ही, ज्यादा नमक, चीनी और सैचुरेटेड फैट वाले प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कम करें।
रोज एक्सरसाइज करें: नियमित शारीरिक गतिविधि तनाव कम करने में मदद कर सकती है। ब्रिस्क वॉक, साइकिलिंग या स्विमिंग जैसी एक्सरसाइज हफ्ते में कम से कम 150 मिनट करने का लक्ष्य रखें। एक्सरसाइज तनाव हार्मोन को कम करने, अतिरिक्त एड्रेनालिन और कोर्टिसोल को इस्तेमाल करने और शरीर में अच्छे महसूस कराने वाले एंडोर्फिन बढ़ाने में मदद करती है। यह दिल को भी मजबूत बनाती है।
पूरी नींद लें: रोज 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद लेने की कोशिश करें। इससे शरीर को आराम मिलता है और रक्त वाहिकाओं की मरम्मत के साथ स्ट्रेस हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
मेडिटेशन और योग करें: मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग और योग जैसी गतिविधियां नर्वस सिस्टम को शांत करने और हार्ट रेट कम करने में मदद कर सकती हैं।
कैफीन और शराब सीमित करें: ज्यादा कैफीन और शराब का सेवन चिंता बढ़ा सकता है और नींद को प्रभावित कर सकता है। इसलिए इनका सेवन सीमित रखें।
धूम्रपान छोड़ें: तंबाकू रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ाता है। दिल को स्वस्थ रखने के लिए धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाना जरूरी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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