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डाइट सोडा और दिल की बीमारी का कनेक्शन
चिलचिलाती गर्मी को भागने के लिये पिए जाने वाले डाइट सोडा या कोल्ड ड्रिंक में आर्टिफीशियल फ्लेवर मिला होता है और यही नहीं इसमें आसानी से पचने वाली चीनी होती है, जो खून में लिपिड की मात्रा को बढाती है, जिससे दिल की बीमारी पैदा होती है। आप जितना कोल्ड ड्रिंक पिएंगे खुद को उतना ही दिल की बीमारी के नजदीक पाएंगे। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिये पढिये यह लेख।

इन दिनों बच्चे भी दूध और जूस पीने की बजाए, चीनी वाले शर्बत तथा कोल्ड ड्रिंक पीने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। तभी तो आजकल ज्यादातर बच्चे मोटापा का शिकार बनते चले जा रहे हैं। इसमें केवल चीनी मिली होती है, जिससे कैलोरी बढती है और शरीर को किसी भी तरह का कोई पोषण नहीं मिलता। इसके अलावा अगर पिज्जा और बर्गर के साथ इन मीठे पेय का सेवन किया जाए तो वजन में बहुत ज्यादा बढौत्तरी होती है, तभी हम इन दोंनो आहारों को एक साथ खाने की सलाह बिल्कुल नहीं देंगे।
सोडा और हार्ट संबन्धित बीमारिया- एक रिसर्च के अनुसार, यह बताया गया कि दिल की बीमारी और सोडा पीने के बीच में सीधा नाता है। रिसर्च 43,000 लोंगो पर की गई थी, जिनकी उम्र 40 से 75 के बीच में थी। इन लोंगो को लगभग 22 सालों तक निगरानी में रखा गया और इसी दौरान उनकी खाने की आदत को रिकार्ड किया गया। उसके बाद उन्हीं में से 18,000 लोंगो से खून के सैम्पल लिये गए, जिसमें पाया गया कि जो लोग अधिक सोडा पीते थे, उनके ब्ल्ड में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा बढ गयी थी, जो कि खतरनाक फैट होता है और इससे हार्ट की बीमारी होने की संभावना होती है।
एक स्टडी में यह भी पाया गया कि अधेड उम्र के वे लोग, जो रोजाना एक या दो बार नियमित रूप से डाइट सोडा या कोल्ड ड्रिंक पीते हैं, उनमें मैटाबॉलिक सिंड्रोम की समस्या पैदा हो जाती है। मैटाबॉलिक सिंड्रोम बढने से हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन में बढत हो जाती है। इसके अलावा सोडे में कैंसर बढाने वाली शुगर, यानी की कॉर्न सीरप मौजूद होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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