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इन 20 कारणों से होता है शरीर में दर्द

इंसानों में शरीरिक दर्द या मासपेशियों में दर्द होना एक बड़ी समस्या होती जा रही है। ज्यादा देर व्यायाम कर लेने से या फिर घर में रखी कोई भारी चीज़ को उठा लेने से शरीर में किसी एक भाग में दर्द होने की शिकायत अक्सर बहुत से लोग करते हैं। लेकिन शरीर में इस प्रकार का दर्द होना कभी कभी गंभीर समस्या हो सकती है। अगर आप सोचते हैं कि शरीर में दर्द केवल बूढे़ लोगों को होता है तो, ऐसा बिल्कुल नहीं है। दर्द होने की कोई उम्र नहीं होती। यह 18 साल के लड़के को भी हो सकता है और 80 साल के बुजुर्ग इंसान को भी।
दर्द के कई प्रकार होते हैं। आमतौर का दर्द सिर, पीठ, गर्दन, घुटनों या मासपेशियों का होता है। दूसरे प्रकार के दर्द में तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो जाती है और इससे दर्द होने लग जाता है। इस तरह के दर्द को न्यूरोपैथिक पेन बोलते हैं। आज इस लेख में हम शरीर में दर्द होने के 20 कारणों पर चर्चा करेंगे। तो अगर आपको या आपके घर के किसी सदस्य को शरीर में किसी भी प्रकार का दर्द है, तो यह लेख आपके उनके काम आ सकता है।

फ्लू
अगर किस व्यक्तो को फ्लू है तो इस कारण अक्सर पूरे शरीर में दर्द होने लगता है।

चोट वाली जगह पर तनाव देने से
बार बार एक ही काम करने से अगर शरीर के किसी भाग पर दर्द होता है , तो वह काम करना बंद कर दें।

एचआईवी एड्स
एड्स होने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। शरीर में दर्द होना एड्स का एक लक्षण हो सकता है।

हर्पीज़ एक प्रकार का चर्म रोग
यह एक वायरल रोग है, जिसमें पूरे शरीर में लगातार दर्द होता रहता है।

मलेरिया
इसमें भी फ्लू की तरह पूरे शरीर में दर्द होता रहता है।

मधुमेह
पेट की परेशानी के साथ साथ पैरों में दर्द होना आम बात होती है। यह लगातार दवाई लेने से और व्यायाम करने से सही हो जाता है।

गठिया
गठिया की बीमारी बहुत आम सी है, इसमें पूरे जोड़ में दर्द होता है।

फाइब्रोमेल्जिया
इस बीमारी में शारीरिक दर्द के साथ थकान और अनिंद्रा होती है। इसमें शरीर कड़ा हो जाता है।

लगातार थकान
इस बीमारी में शरीर की एनर्जी खत्म हो जाती है और शरीर में थकावट बढ़ जाती है। कमजोरी और थकान के कारण शरीर में दर्द होना शुरु हो जाता है।

लाइम बीमारी
इस बीमारी में ज्वाइंट पेन, सिरदर्द व्यापक हड्डियों में दर्द होने लगता है।

तनाव
बहुत कम लोगों को पता है कि तनाव लेने से भी सिरदर्द होने लगता है। इसके अलावा नींद पूरी न करना, थकान, मासपेशियों में दर्द और सीने में दर्द की वजह से भी तनाव हो जाता है।

टीबी
वैसे तो टीबी से फेफड़ों की समस्या है लेकिन इसमें भी शरीर दर्द होने लग जाता है।

कैंसर
लगातार और गंभीर दर्द होना कैंसर कि निशानी हो सकती है। कैंसर के सेल्स से शारीरिक दर्द हो सकता है।

गांठ
यदि शरीर में कोई गांठ हो तो इम्मयून सिस्टम शरीर की सेल्स और टिशू पर वार करने लग जाता है। इस कारण से सूजन और टिशू डैमेज होने लग जाता है।

वायरल आंत्रशोथ
यह बीमारी इंफेक्शन से होती है, जिस कारण से डायरिया और उल्टी की परेशानी हो जाती है। साथ ही इसमें शारीरिक दर्द भी पैदा होने लगता है।

आमवातीय संधिशोथ
इसमें छोटे-मोटे जोड़ों जैसे उंगलियों के जोड़ों में दर्द आरंभ होकर यह कलाई, घुटनों, अंगूठों में बढ़ता जाता है। बीमारी बढ जाने पर यह पूरे शरीर के कार्य करने की क्षमता को रोक देती है।

डेंगू बुखार
यह बुखार वायरस से पैदा होता है। इसमे बुखार आ जाता है और सारी मासपेशियों और जोड़ों में दर्द शुरु हो जाता है। इसके अलावा सिरदर्द भी चालू हो जाता है।

पोटैशियम की कमी
इसे हाइपोकैलीमिया भी कहा जाता है, जिसमें खून से पोटैशियम की कमी हो जाती है। इस वजह से शरीर में दर्द होने लग जाता है।

टॉक्सोप्लासमोसिस
यह बीमारी बिल्लियों से मानव तक पहुंचती हैं। इसमें भी शारीरिक दर्द पैदा होता है।

अत्यधिक व्यायाम
मासपेशियों का दर्द और जोड़ों का दर्द तब पैदा हो सकता है जब आप जरुरत से ज्यादा व्यायाम करने लग जाते हैं।



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