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फ़ूड पैकेजिंग में दो दर्जन से अधिक फ्लोरिनेटेड केमिकल्स पाए जाते हैं, जिससे कैंसर होने का खतरा काफी ज्यादा होता हे। इन केमिकल्स से कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं जुडी हुई हैं।
शोधकर्ताओं की चेतावनी के अनुसार आपको जो पिज़्ज़ा, फ्रेंच फ्राइज और बर्गर पसंद हैं वे ग्रीस प्रूफ पेपर में पैक होकर आते हैं जिनमें फ्लोरिनेटेड तत्व पाया जाता है जिसके कारण बच्चों में विकास संबंधी समस्याएं, प्रजनन क्षमता में कमी और कैंसर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
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परिणामों से पता चला है कि फ़ूड पैकेजिंग में दो दर्जन से अधिक फ्लोरिनेटेड केमिकल्स पाए जाते हैं जिसमें प्रतिबंधित पदार्थ पीएफए (पीईआर और पॉलीफ्लोरोअल्काइल पदार्थ) जिसे पीएफसी भी कहते हैं और यह पुराने, रिसाइकल्ड पदार्थों या अनिश्चित पदार्थों से बनाये जाते हैं।

यू.एस, मेसाचुसेट्स के एक गैर लाभकारी संगठन के साइलेंट स्प्रिंग इंस्टीट्यूट के पर्यावरण केमिस्ट और लेखक लॉरेल स्चैदर के अनुसार “इन केमिकल्स से कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं जुडी हुई हैं।
इनसे बच्चों को अधिक खतरा होता है क्योंकि उनके विकासशील शरीर विषारी पदार्थों के प्रति अति संवेदनशील होते हैं।"

स्चैदर ने बताया कि "कुछ पीएफए के सेवन से कैंसर, थाईराइड की बीमारी, प्रतिरिधक क्षमता कम होना, जन्म के समय वज़न कम होना और प्रजनन क्षमता में कमी आदि समस्याएं हो सकती हैं।"
पर्यावरण विज्ञान और टेक्नोलॉजी लेटर्स पत्रिका में प्रकाशित होने वाले अध्ययन के लिए टीम ने एक नई तकनीक का उपयोग किया जिसमें उन्होंने फ्लोरीन - पीएफएएस का चिन्हक, के नमूनों का विश्लेषण करने के लिए कण-प्रेरित-गामा-किरण उत्सर्जन (पीआईजीई) स्पेक्ट्रोस्कोपी का उपयोग किया।

परिणामों से पता चलता है कि पैकिंग में उपयोग में लाये जाने वाले आधे से अधिक कागज़ (उदाहरण के लिए बर्गर और पेस्ट्री के पैक) में और 20 प्रतिशत पेपरबोर्ड के नमूनों (उदाहरण के लिए फ्राइज़ और पिज़्ज़ा) में फ़्लोरिन पाया गया।
पैकेजिंग के अन्य श्रेणियों की तुलना में टेक्स-मेक्स फ़ूड पैकेजिंग और डिजर्ट और ब्रेड की पैकेजिंग में फ़्लोरिन अधिक मात्रा में पाया जाता है।

फ़ूड पैकेजिंग के अलावा यह केमिकल नॉन स्टिक, स्टेन प्रतिरोधी बर्तनों में भी पाया जाता है। इसके अलावा यह वॉटरप्रूफ पदार्थों, कारपेट, आउटडोर कपड़ों में भी पाया जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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