Latest Updates
-
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा
एसिड रिफ्लक्स डाइट को फॉलो करने से पहले जान लें इसके फायदे व नुकसान
आहार कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को प्रबंधित करने में मददगार साबित हो सकता है। इसलिए लोग कई तरह की डाइट को फॉलो करते हैं। इन्हीं में से एक है एसिड रिफ्लक्स डाइट। इसे विशेष रूप से गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग अर्थात् जीईआरडी की परेशानी को दूर करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह डाइट हार्ट बर्न या गले में दर्द जैसे लक्षणों को दूर करने में सहायक है। इस डाइट में ट्रिगर खाद्य पदार्थों की पहचान करके उसे डाइट से बाहर कर दिया जाता है। हालांकि इस डाइट के अपने कुछ फायदे व नुकसान हैं, जिसे आपको अवश्य जानना चाहिए। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको एसिड रिफ्लक्स डाइट के कुछ फायदों व नुकसान के बारे में बता रहे हैं-

एसिड रिफ्लक्स डाइट क्या है?
एसिड रिफ्लक्स डाइट एक ऐसी डाइट है, जो विशेष रूप से जीईआरडी या गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोगों से पीड़ित व्यक्ति को क्रोनिक एसिड रिफ्लक्स से होने वाली परेशानी से राहत दिलाने में मददगार है। शोध से पता चलता है कि जीईआरडी, एक गंभीर एसिड रिफ्लक्स स्थिति है, जिसे सही खाद्य पदार्थ खाने से नियंत्रित किया जा सकता है। लोगों का मानना है कि जब इस डाइट को फॉलो किया जाता है तो हार्ट बर्न से लेकर गले में दर्द को कम करने में मददगार है।
एसिड रिफ्लक्स डाइट में ऐसे फूड्स को शामिल किया जाता है, जो फाइबर युक्त होते हैं और उनमें फैट कम होता है। इतना ही नहीं, इस डाइट में लोग बहुत अधिक मसालेदार, तीखे या एसिडिक फूड को अपनी डाइट से बाहर रखने की कोशिश करते हैं।

एसिड रिफ्लक्स डाइट के फायदे
अगर व्यक्ति एसिड रिफ्लक्स डाइट को फॉलो करता है, तो इससे उसे कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। जैसे-
• एसिड रिफ्लक्स डाइट में बहुत अधिक फाइबर, पर्याप्त प्रोटीन और थोड़ा वसा होता है, जिसके कारण यह आपके लिए लाभदायक है। इसमें प्रचुर मात्रा में पत्तेदार साग, कलरफुल सब्जियां, कम वसा वाले प्रोटीन और पौष्टिक अनाज शामिल हैं। एसिड रिफ्लक्स डाइट सभी तरह के फूड ग्रुप्स को आपकी डाइट से बाहर नहीं करता है।
• एसिड रिफ्लक्स डाइट कुछ हद तक वजन कम करने में भी कारगर है क्योंकि यह अनाज, फलों और सब्जियों की खपत को बढ़ाते हुए प्रोसेस्ड फूड्स और शुगर को कम करने में मददगार होता है।
• अगर आप लंबे समय तक अपने वजन केा मेंटेन रखना चाहते हैं तो ऐसे में एसिड रिफ्लक्स डाइट को फॉलो करना अच्छा विचार है। इसमें फाइबर के उत्कृष्ट स्रोत शामिल हैं जो पेट के एसिड को अवशोषित करने में मदद कर सकते हैं। एसिड रिफ्लक्स डाइट आपको फूड ऑप्शन की एक वाइड रेंज प्रदान करता है और इसे बनाए रखना बेहद आसान है।
• अधिकतर डाइट को फॉलो करने पर जहां व्यक्ति लो फील करते हैं, वहीं एसिड रिफ्लक्स डाइट आपको ऊर्जा प्रदान करता है और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है। इस डाइट को फॉलो करने से कुछ लोगों को पेट की समस्या कम होती है और वजन कम होता है।
• इस डाइट का सबसे बड़ा लाभ यह भी है कि यह व्यक्ति में एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों में कमी करने में मददगार है। इस डाइट में व्यक्ति ट्रिगर पदार्थ, जैसे कि कैफीन और मसालेदार भोजन को अपने आहार से बाहर करते हैं। इसके अतिरिक्त, जब आप अपनी डाइट से फैटी आइटम्स को बाहर करते हैं, तो इससे उन्हें वजन घटाने में मदद मिलती है।

एसिड रिफ्लक्स डाइट के नुकसान
• जब व्यक्ति एसिड रिफ्लक्स डाइट को फॉलो करना शुरू करते हैं, तो ऐसे में उन्हें समस्या हो सकती है। दरअसल, एसिड रिफ्लक्स डाइट में व्यक्ति कई तरह के फूड्स को लिमिटेड मात्रा में खाता है।
• इस डाइट में व्यक्ति कई तरह के पोषक तत्वों से चूक जाता है। उदाहरण के लिए, इस डाइट में आपको मीट, डेयरी और अंडे आदि को बेहद लिमिटेड लिया जाता है। इनमें आवश्यक प्रोटीन, फैटी एसिड और अमीनो एसिड होते हैं। लेकिन जब आप इन्हें आहार से बाहर रखते हैं, तो इससे आपको यह पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं।
• जब आप एसिड रिफ्लक्स डाइट लेते हैं, तो ऐसे में आपको शुगरी फूड्स को डाइट से बाहर रखना पड़ता है। जिससे व्यक्ति चिड़चिड़ा या मूडी महसूस करता है। कई बार डाइट में बदलाव करने से व्यक्ति के शरीर को एडजस्ट करने में समस्या होती है और आपको कई तरह की समस्या हो सकती है।
इसलिए, यदि आपको एसिड रिफ्लक्स की समस्या है तो ऐसे में एसिड रिफ्लक्स डाइट को फॉलो करने से पहले एक बार डायटीशियन की सलाह अवश्य लें और उनकी देख-रेख में ही डाइट फॉलो करें।



Click it and Unblock the Notifications
