Latest Updates
-
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश
Male infertility: पुरुषों में बांझपन बढ़ा सकता है थायरॉयड, ये हैं खतरनाक लक्षण
थायरॉइड की समस्या को अक्सर महिलाओं की फर्टिलिटी से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन यह समस्या सिर्फ महिलाओं की ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी परेशान कर सकती है। थायरॉइड के कारण पुरुषों की फर्टिलिटी पर भी काफी असर पड़ता है,
पुरुषों की फर्टिलिटी को बनाए रखने के लिए हेल्दी स्पर्म के लिए थायरॉइड फंक्शन को सामान्य बनाएं रखना और रिप्रोडक्टिव हार्मोन का उचित बैलेंस बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

थायरॉइड की बीमारी क्या है?
गले के अंदर थायरॉइड ग्लैंड होती है, जो थायरॉइड हॉर्मोन पैदा करती है। इस हॉर्मोन के उत्पादन में कमी या अधिकता को थायरॉइड की समस्या कहते हैं। शरीर में अगर थायरॉयड हार्मोन ज्यादा हो जाता है तो इसे हाइपरथायरायडिज्म कहते हैं, कम हो पर हाइपोथायरायडिज्म। इस हार्मोन की कमी से महिला और पुरुषों दोनों की प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है।
थायरॉइड के सामान्य लक्षण
वजन बढ़ना या घटना
बाल झड़ना
अत्यधिक थकावट
डिप्रेशन
नींद ना आना, आदि
पुरुषों में होते हैं ये लक्षण
हाइपोथायरॉइड के कारण टेस्टोस्टेरोन, एलएच हॉर्मोन, एफएसएच हॉर्मोन में कमी आने लगती है। जो कि पुरुषों की फर्टिलिटी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। वहीं, हाइपरथायरॉइड के कारण स्पर्म काउंट घटने लगते हैं।
पुरुषों में दिखते हैं ये लक्षण
यौन इच्छा में कमी
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन
शुक्राणुओं की गुणवत्ता में खराबी
शुक्राणुओं की कमी
गाइनेकोमैस्टिया (पुरुष स्तन वृद्धि)
टेस्टिकल्स के फंक्शन में कमी, आदि
क्या करें पुरुष
एक्सपर्ट के मुताबिक, पुरुषों में हाइपोथायरॉइड और हाइपरथायरॉइड को रिवर्स किया जा सकता है। जिसके लिए कई तरह के मेडिकल उपाय उपलब्ध। इन उपायों से पुरुषों में फर्टिलिटी की समस्या पूरी तरह सुधर सकती है।
नोट: हम आपसे निवेदन करते हैं कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
