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Body Dysmorphia: करण जौहर को है ये अजीब सी बीमारी इसलिए पहनते हैं ओवरसाइज कपड़े, जानें लक्षण
Karan johar suffering from body dysmorphia : फिल्ममेकर करण जौहर ने एक इंटरव्यू में बताया कि वो बॉडी डिस्मॉर्फिया नाम की बीमारी से जूझ रहे हैं। 52 वर्षीय करण ने कहा कि वो 8 साल की उम्र से इस बीमारी से जूझ रहे हैं। इस बीमारी के चलते वो अपनी बॉडी को लेकर कम्फर्टेबल नहीं हैं। फिल्म मेकर ने बताया कि इस समस्या से बाहर आने के लिए उन्हें मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल की मदद लेनी पड़ी।
करण ने खुलासा किया कि उन्हें हमेशा ये ही डर लगा रहता है कि वे बुरे दिख रहे हैं। इसके अलावा उन्हें इस बात की चिंता रहती हैं कि लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे? इसी चिंता के वजह से करण जौहर लूज कपड़े पहनते हैं।

आइए जानते हैं कि आखिर ये बॉडी डिस्मॉर्फिया है क्या है जिससे पिछले 44 साल से जूझ रहे हैं करण जौहर, जानें लक्षण से लेकर इलाज।
क्या है बॉडी डिस्मॉर्फिया?
बॉडी डिस्मॉर्फिया डिसऑर्डर एक तरह का मेंटल डिसऑर्डर है। इससे व्यक्ति इस बात को लेकर चिंतित रहता है कि वो कैसा दिख रहा है और वो खुद की बॉडी इमेज को लेकर कम्फर्टेबल नहीं होता है। इसमें लोग पब्लिक अपीयरेंस को लेकर खूब कॉन्शियस होते हैं। इस डिसऑर्डर से परेशान लोगों को लगता है कि वो जितने मोटे नहीं हैं, उससे कहीं अधिक नजर आते हैं। यही कारण है कई लोग सोशल मीडिया में भी खुद की फोटो अपलोड करने से डरते हैं।
लक्षण
- बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर होने पर मरीज के कॉन्फिडेंस में कमी आती है।
- इसमें मरीज खुद की तुलना दूसरे लोगों से करने लगता है।
- बॉडी इमेज को लेकर हो जाता है कॉन्शियस।
- इस डिसऑर्डर में मरीज लूज कपड़े पहनना पसंद करते है या फिर चेहरे को ढंककर पहनते हैं।
- सोशल होने से कतराते हैं।
- इसमें मरीज शीशा देखने से कतराते हैं।
- पैनिक अटैक आना।
इलाज
जैसा कि ऊपर बताया कि बॉडी डिस्मॉर्फिक एक तरह की मेंटल हेल्थ से जुड़ी बीमारी है। इसमें इलाज के लिए थैरेपी या कांउसिलिंग से ही मरीज इस चीज से बाहर निकल सकता है। इसके अलावा लोगों से मिलने-जुलने से भी खुद के अंदर छिपी बॉडी के इमेज के डर से बाहर निकलने में मदद मिलती हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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