Latest Updates
-
DHT: क्या है डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन? जानें बालों की रिग्रोथ के लिए कितनी कारगर है यह तकनीक -
Captain Smit Machchhar: कैप्टन 'स्मित मच्छर' के सरनेम का क्या है मतलब? जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी -
नुसरत भरूचा की रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर, एयरलिफ्ट कर बाली से लाई गईं मुंबई, वीडियो देख फैंस हुए परेशान -
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2026 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम
Mokshada Ekadashi व्रत में कैसा होना चाहिए खानपान का नियम, जानें फलाहार में क्या खाएं?
Mokshada Ekadashi 2024 vrat me kya khana chaiye : सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मोक्षदा एकादशी 11 दिसंबर 2024 को मनाई जाएगी। यह व्रत मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं समाप्त होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इस दिन भोजन में कुछ चीजें वर्जित होती हैं, जबकि कुछ चीजें फलाहार के रूप में ली जा सकती हैं। यहां बताया गया है कि मोक्षदा एकादशी पर क्या खाएं और क्या न खाएं?

मोक्षदा एकादशी पर क्या खा सकते हैं?
मोक्षदा एकादशी व्रत पर व्रती सात्विक और हल्का भोजन ग्रहण कर सकते हैं। इसमें दूध, दही, फल, शरबत, साबुदाना, नारियल, बादाम, शकरकंद, आलू, मिर्च, सेंधा नमक और राजगीर के आटे से बने पकवान शामिल हैं। व्रत में भगवान विष्णु की पूजा के बाद ही भोजन ग्रहण करें। प्रसाद तैयार करते समय पवित्रता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें। तामसिक और अनाज वाले भोजन का सेवन वर्जित है। इस व्रत का पालन श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और व्रत सफल होता है।
मोक्षदा एकादशी में क्या न खाएं?
मोक्षदा एकादशी का व्रत करते समय खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि यह व्रत की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दिन व्रती को अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही, तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। चावल और साधारण नमक (सेंधा नमक को छोड़कर) का सेवन वर्जित है। इनका उपयोग व्रत को खंडित कर सकता है। इसलिए, व्रत का पालन करते हुए केवल सात्विक और फलाहारी भोजन ग्रहण करें। भगवान विष्णु की पूजा और विधिपूर्वक व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
व्रत विधि
- प्रातः जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान विष्णु की पूजा करें और व्रत का संकल्प लें।
- विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और गीता का अध्ययन करें।
- दिन भर उपवास रखें, केवल फलाहार करें।
- रात्रि जागरण करके भजन-कीर्तन करें।
- अगले दिन द्वादशी पर व्रत का पारण करें और दान दें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
