Latest Updates
-
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
Pitru Paksha 2026 Food Rules: पितृपक्ष में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े जरूरी नियम -
Tanya Mishra: कौन हैं तान्या मिश्रा? अचानक कैसे बनीं देश की नई 'नेशनल क्रश', इंटरनेट पर तस्वीरें हो रहीं वायरल -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Rabies Day 2026: कुत्ते के अलावा किन जानवरों के काटने से हो सकता है रेबीज? जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
Google Birthday 2026: क्या आप जानते हैं 27 सितंबर को ही क्यों बर्थडे मनाता है गूगल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब
क्या है स्पोर्ट्स हर्निया, जिससे जूझकर दोबारा फिट हुए सूर्यकुमार यादव, क्यों एथलीट्स में आम है यह बीमारी?
Suryakumar Yadav injury update : टीम इंडिया के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव हाल ही में एक गंभीर खेल संबंधी चोट से उबरे हैं, जिसे मेडिकल भाषा में स्पोर्ट्स हर्निया कहा जाता है। जुलाई 2025 में जर्मनी में उनकी सर्जरी हुई थी, और अब वे धीरे-धीरे क्रिकेट के मैदान पर वापसी की ओर बढ़ रहे हैं। सर्जरी के बाद पहली बार उन्हें बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रैक्टिस करते हुए देखा गया।
BCCI के मेडिकल स्टाफ की निगरानी में सूर्यकुमार यादव लगातार रिकवरी कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि वे 9 सितंबर 2025 से UAE में शुरू होने वाले एशिया कप में टीम इंडिया की अगुआई करते नजर आएंगे। हालांकि पहले उनकी वापसी अगस्त में बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए तय की गई थी, लेकिन अब वह सीरीज 2026 तक स्थगित हो चुकी है, क्या है स्पोर्ट्स हर्निया, जिससे जूझकर दोबारा फिट हुए सूर्यकुमार यादव, क्यों एथलीट्स में आम है यह बीमारी?

स्पोर्ट्स हर्निया क्या होता है?
स्पोर्ट्स हर्निया, जिसे एथलेटिक प्यूबल्जिया भी कहा जाता है, कोई पारंपरिक हर्निया नहीं है। इसमें पेट के निचले हिस्से या ग्रोइन क्षेत्र में मौजूद मांसपेशियों, टेंडन या लिगामेंट्स में खिंचाव या आंशिक फटाव होता है। यह चोट अक्सर उन एथलीट्स को होती है जो तेजी से दौड़ते हैं, अचानक दिशा बदलते हैं या मुड़ने वाले खेलों में शामिल होते हैं जैसे फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी या रग्बी।
स्पोर्ट्स हर्निया के लक्षण
- कमर के निचले हिस्से में दर्द, जो खेल गतिविधियों के दौरान और अधिक बढ़ सकता है।
- ग्रोइन क्षेत्र या जांघ के अंदर तक दर्द फैलना।
- गति में कठिनाई, खासकर दिशा बदलते समय।
- चोटिल क्षेत्र में सूजन और कोमलता।
इसके पीछे के प्रमुख कारण
- ऐसे खेल जिनमें बार-बार अचानक रुकना, मुड़ना या दौड़ना होता है।
- पेट और ग्रोइन क्षेत्र की कमजोर या असंतुलित मांसपेशियां।
- खेल से पहले उचित वार्म-अप और स्ट्रेचिंग का न करना।
उपचार क्या है?
स्पोर्ट्स हर्निया का इलाज स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है:
- आराम, बर्फ और दर्द निवारक दवाओं से शुरुआती राहत मिलती है।
- फिजियोथेरेपी, जिसमें मांसपेशियों को मजबूत करने और लचीलापन बढ़ाने वाले व्यायाम शामिल होते हैं।
- जब दर्द लगातार बना रहे और सामान्य इलाज से आराम न मिले, तो सर्जरी आवश्यक हो जाती है, जैसा कि सूर्यकुमार यादव के मामले में हुआ।
स्पोर्ट्स हर्निया से कैसे बचें?
- पेट, कूल्हे और कोर मसल्स को मजबूत करने वाले व्यायाम नियमित रूप से करें।
- लचीलापन और गतिशीलता बढ़ाने के लिए स्ट्रेचिंग करें।
- किसी भी खेल गतिविधि से पहले वार्म-अप करना जरूरी है।
- खेल की सही तकनीक अपनाएं, गलत तरीकों से बचें।
- गतिविधियों की तीव्रता को धीरे-धीरे बढ़ाएं, ताकि मांसपेशियों पर अचानक दबाव न पड़े।
- संतुलित आहार, भरपूर पानी और पर्याप्त नींद** भी रिकवरी और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
