Latest Updates
-
कभी ऑस्ट्रेलिया में करता था पिज्जा डिलीवरी, आज खुद है 3 रेस्टोरेंट का मालिक, ऐसे बदली इस भारतीय की किस्मत -
Anant Chaturdashi 2026 Date: कब है अनंत चतुर्दशी? नोट करें तारीख, गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त और विधि -
डायबिटीज में आम, केला और आलू खाना चाहिए या नहीं? जानिए मिथक और सच्चाई -
Guru Pradosh Vrat 2026: 23 या 24 सितंबर, कब है भाद्रपद का आखिरी प्रदोष व्रत? जानें तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त -
थायराइड की दवा कब और कैसे लें? डॉक्टर से जानें सही समय और तरीका -
Ayurveda Day 2026: कब और कैसे हुई आयुर्वेद दिवस की शुरुआत? जानें इस साल की थीम, महत्व और इतिहास -
रानी मुखर्जी की मां और प्लेबैक सिंगर कृष्णा मुखर्जी का निधन, 75 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में भूलकर भी न करें ये 6 काम, वरना नाराज हो सकते हैं पितर -
Fact Check: चेहरे पर 'गोल्ड ऑयल' लगाने से मिलेगी जवां-ग्लोइंग स्किन? जानें वायरल दावे का सच -
लड्डू-मोदक नहीं, यहां बप्पा को लगता है बबल टी का भोग! गणपति पूजा का अनोखा अंदाज हुआ वायरल
पूजा हो या पकवान हर जगह जरुरी है नारियल, जानिए इससे जुड़े कुछ फैक्ट

हमारे हिंदू धर्म में नारियल का बहुत ही महत्व है। चाहे घर में पकवान बनाने हो या मांगलिक कार्य हो, नारियल का महत्वपूर्ण स्थान है। नारियल में विटामिन, खनिज, एमिनो एसिड, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। नारियल पौष्टिक गुणों से इतना भरपूर होता है कि इसलिए इसे श्रीफल कहा जाता है।
हजारों साल पहले से ही नारियल के तेल का आयुर्वेद में इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह माना जाता है कि यह तेल आपके शरीर के आतंरिक अंगो को कई सारे लाभ देता है और उन्हें बहुत सी बीमारियों से बचाता है।
नारियल की तासीर ठंडी होती है। ताजा नारियल कैलोरी से भरपूर होता है। इसमें अनेक पोषक तत्व होते हैं। जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। नारियल एक ऐसी चीज है जो हमारी आम दिनचर्या का एक हिस्सा बन गया हैं। चाहे मांगलिक कार्य हो या फिर सौंदर्य हर जगह नारियल का इस्तेमाल जरुर होता है। हमारे देश में नारियल के वृक्ष की पैदावार प्रमुख रूप से केरल, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, महाराष्ट्र के मुंबई तथा तटीय क्षेत्रों व गोआ में होती है। नारियल का पानी हल्का, प्यास बुझाने वाला, अग्निप्रदीपक, वीर्यवर्धक तथा मूत्र संस्थान के लिए बहुत उपयोगी होता है।
आइए जानते है नारियल से जुड़े कुछ फैक्ट।

नारियल का इतिहास
नारियल की उत्पत्ति इतिहास के बारे में कुछ ज्यादा जानकारी नहीं है। ये एक प्रागैतिहासिक प्लांट हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसकी उत्पति दक्षिण प्रशांत, जो कि अब न्यू गिनी है के आसपास हुआ था।

स्वास्थय के तौर पर
मधुमेह नियंत्रण
नारियल इंसुलिन स्राव और रक्त ग्लूकोज को बेहतर बनाता है। यह ब्लड शुगर नियंत्रण के लिए हार्मोन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करके मधुमेह को नियंत्रित करता है।

हार्ट के लिए अच्छा
नारियल शरीर में रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाकर हृदय रोगों के जोखिम को कम करता है। नारियल में संतृप्त वसा शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं।

नाभि पर लगाने के फायदें
नारियल के तौर पर नाभि पर लगाने से कई फायदें होते हैं। नाभि एक ऐसी जगह है जहां से बच्चा अम्बलिकल कॉर्ड के द्वारा अपना न्यूट्रीशन लेता है। इस जगह से कई सारी नर्व एक दुसरे से जुडी रहती हैं। इसलिए इस जगह पर इस तेल का इस्तेमाल करने से यह आपके आतंरिक अंगो के लिए भी फायदेमंद होता है।

एंटी बैक्टीरियल गुण
नारियल में मोनोलॉरिन और लौरिक एसिड की उच्च सामग्री होती है जो बैक्टीरिया, वायरस और कवक को मारने में मदद करती है। नारियल का पानी मुंह के बैक्टीरिया को मारने के साथ ही खराब सांस को ठीक करने और संपूर्ण दंत स्वास्थ्य में सुधार लाता है।

प्रेगनेंसी में फायदेमंद
गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर्स गर्भावस्था के दौरान नारियल पानी पीने की सलाह देते हैं क्योंकि इससे कब्ज, हार्ट बर्न, और धीमे पाचन से लड़ता है। बहुत लम्बे समय से ऐसा विश्वास है कि नारियल का तेल आपकी फर्टिलिटी रेट को बढाने का काम करता है क्योंकि इसमें इसे बढाने वाले ट्राईग्लिसराइड पाए जाते हैं।

सौंदर्य महत्व
दाग धब्बे हटाएं
त्वचा के लिए-अगर आपको पिंपल या दाग-धब्बे या त्वचा संबंधी परेशानियां है तो नारियल के पानी से मदद मिल सकती है। अपने चेहरे पर नारियल का पानी लगाएं। हाथ औऱ नाखून पर भी इसे लगाने से फायदा होता है।

हेयर फॉल होगा कम
नारियल का तेल बालों की जड़ को मजबूती देता है, जिससे बाल टूटना कम हो जाते हैं अगर आपकी बालों की जड़े सूखी हैं तो तेल उन्हें ताकत देगा और नए बाल को उगाएगा।

ड्रैंडफ मिट जाएगां
यदि आपको बालों में डैंड्रफ की समस्या है तो हर हफ्ते धूप में बैठकर बालों की जड़ों में नारियल तेल से मालिश करें। ड्रेंडफ का नाम-ओ-निशान भी आपके बालों में दिखाई नहीं देगा।

धार्मिक महत्व
आमतौर पर नारियल को बधार कर यानी फोड़कर ही देवी-देवताओं को चढ़ाते हैं। इस संबंध में मान्यता है कि हम नारियल फोड़कर अपनी बुराइयों और अहंकार का त्याग करते हैं। स्त्रियों के लिए नारियल फोड़ना वर्जित है। इस संबंध में मान्यता है कि नारियल बीज रूप है, इसलिए इसे उत्पादन (प्रजनन) क्षमता से जोड़ा गया है। स्त्रियां प्रजनन की कारक हैं और इसी वजह से स्त्रियों के लिए बीज रूप नारियल को फोडऩा वर्जित किया गया है।



Click it and Unblock the Notifications
