Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता -
दिल को हेल्दी रखते हैं ये 5 योगासन, हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही बना लें रूटीन का हिस्सा -
World Heart Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हृदय दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
Pitru Paksha 2026 Food Rules: पितृपक्ष में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े जरूरी नियम -
Tanya Mishra: कौन हैं तान्या मिश्रा? अचानक कैसे बनीं देश की नई 'नेशनल क्रश', इंटरनेट पर तस्वीरें हो रहीं वायरल -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Rabies Day 2026: कुत्ते के अलावा किन जानवरों के काटने से हो सकता है रेबीज? जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
Google Birthday 2026: क्या आप जानते हैं 27 सितंबर को ही क्यों बर्थडे मनाता है गूगल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप
अपने दिल को बीमारियों से रखना है दूर, तो आज ही बदल दें अपना नमक
हम जो भी खाते हैं, उसका व्यापक प्रभाव हमारी सेहत पर पड़ता है। हम में से अधिकांश लोगों को कुछ न कुछ मंचिंग करने की आदत होती है। ऐसे में हम तरह-तरह के स्नैक्स, पैकेज्ड फूड या प्रोसेस्ड आइटम्स का सेवन कर लेते हैं। लेकिन यही वक्त होता है, जब हम अनजाने में अतिरिक्त नमक का सेवन करते हैं। लेकिन रेग्युलर टेबल सॉल्ट में सोडियम क्लोराइड पाया जाता है। अगर इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है, तो यह आपके हद््य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। सोडियम क्लोराइड का अधिक सेवन दिल का दौरा, स्ट्रोक और अन्य हृदय रोगों की वजह बन सकता है। ऐसे में अगर सोडियम क्लोराइड को पोटेशियम क्लोराइड से प्रतिस्थापित किया जाता है, तो इससे आप रक्तचाप को कम कर सकते हैं जिससे हद्य रोग होने की संभावना कम हो जाती है। तो चलिए विस्तारपूर्वक जानते हैं इस विषय में-

अध्ययन में हुआ साबित
रेग्युलर सॉल्ट का अधिक सेवन दिल के लिए हानिकारक हो सकता है और यह एक स्टडी में साबित हो चुका है। दरअसल, चीन में किए गए 24, 000 से अधिक प्रतिभागियों के एक अध्ययन में यह भी पाया गया कि नमक के विकल्प ने प्रारंभिक मृत्यु के जोखिम को 11प्रतिशत, हृदय रोग में 13 प्रतिशत और दिल के दौरे या स्ट्रोक के जोखिम को 11 प्रतिशत तक कम कर दिया।

किसका करें सेवन
रेग्युलर टेबल सॉल्ट का अत्यधिक सेवन ना केवल हद्य के लिए हानिकारक हो सकता है, बल्कि इससे व्यक्ति को अन्य भी कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में अगर नमक को स्विच करने की बात हो तो रेग्युलर टेबल सॉल्ट के स्थान पर सेंधा नमक या पिंक हिमालयन सॉल्ट का सेवन किया जा सकता है।

रखें यह भी ध्यान
यूं तो नमक का अधिक सेवन हद्य रोग के जोखिम से जुड़ा हुआ है। हालांकि, जब आपको गुर्दे की बीमारी, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, यकृत रोग या मधुमेह जैसी स्थितियां हों तो नमक के विकल्प खतरनाक हो सकते हैं। ये क्रॉनिक कंडीशन कभी-कभी आपके रक्त में पोटेशियम के स्तर को बढ़ा सकती हैं, और ऐसे में पोटेशियम क्लोराइड को नमक के विकल्प का उपयोग करना उस संतुलन को खतरनाक रूप से प्रभावित कर सकता है। इसलिए, अगर आप अपने रेग्युलर टेबल सॉल्ट को स्विच कर रहे हैं या फिर इसके स्थान पर सेंधा नमक ले रहे हैं, तो ऐसा करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। कभी-कभी कुछ हेल्थ कंडीशन या दवाएं सेंधा नमक के विपरीत हो सकती हैं।

जानें सेंधा नमक के फायदे
अपनी रेग्युलर डाइट में सेंधा नमक को शामिल करके आप अपने दिल का ख्याल तो रख ही सकते हैं। इससे आपको अन्य भी स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं-
• सेंधा नमक आयुर्वेद में एक अत्यधिक मूल्यवान नमक है और सर्दी और खांसी के इलाज और पाचन और आंखों की रोशनी में सुधार जैसे कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।
• सेंधा नमक में कई खनिज होते हैं जिनमें आयरन, निकल, जस्ता, मैंगनीज, कोबाल्ट और तांबा शामिल हैं। प्रत्येक प्रकार का खनिज सेंधा नमक को विभिन्न रंग देता है। चूंकि आपके शरीर को इस प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, इसलिए इन पोषक तत्वों के स्रोत के रूप में सेंधा नमक का इस्तेमाल करना अच्छा विचार है।
• सेंधा नमक पेट में जलन, सूजन, पेट के कीड़े, कब्ज, पेट दर्द और उल्टी सहित विभिन्न पाचन रोगों के लिए एक उत्कृष्ट घरेलू उपचार है।
• गले में खराश के इलाज के लिए नमक के पानी से गरारे करना घरेलू उपचारों में से एक है। चूंकि सेंधा नमक में डिकॉन्गेस्टेंट गुण होते हैं, यह आपकी बंद नाक, खांसी और गले की गुहा को दूर करने में मदद करता है और नाक को साफ करता है। यह टॉन्सिलिटिस अस्थमा के लिए सबसे अच्छा उपाय है और यह आपके फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने में मदद करता है।



Click it and Unblock the Notifications
