Latest Updates
-
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके
संजय दत्त को हुआ स्टेज -3 लंग कैंसर, जानें इस कैंसर के बारे में
बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त स्टेज 3 लंग कैंसर से पीड़ित हैं। ये एडवांस स्टेज हैं, जिसमें सबसे ज्यादा खतरा माना जाता है। रिपोर्ट के अनुसार संजय दत्त इलाज के लिए अमेरिका जाएंगे। संजय दत्त ने एक पोस्ट के जरिए से फैन्स को जानकारी दी कि वो मेडिकल ट्रीटमेंट की वजह से एक ब्रेक ले रहे हैं। आइए जानतें हैं कि क्या होता है लंग कैंसर या फेफड़ों का कैंसर।

लंग कैंसर (Lung Cancer) क्या है?
लंग कैंसर क्यों होता है इसे जानने से पहले यह समझना जरूरी है कि कैंसर क्या है ? शरीर में मौजूद सेल यानी कोशिकाओं की एक विशेषता होती है। एक उम्र के बाद वो खुद नष्ट हो जाती हैं, लेकिन कैंसर की बीमारी के बाद शरीर के उस अंग विशेष के सेल की वो विशेषता खत्म हो जाती है। वो कोशिकाएं मरती नहीं बल्कि दो से चार, चार से आठ के हिसाब से बढ़ती हैं। उनके स्वत: नष्ट होने की क्षमता खत्म हो जाती है। शरीर के जिस अंग की कोशिकाओं में ये दिक्कत आने लगती है, उसी अंग को कैंसर की उत्पत्ति की जगह माना जाता है।

फेफड़ों के कैंसर के कारण
- पहला तंबाकू का सेवन या स्मोकिंग। सिगरेट पीने और तंबाकू के सेवन का सीधा संबंध फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों से होता है। इससे लंग कैंसर तक का ख़तरा होता है।
- दूसरा कारण है हवा में मौजूद प्रदूषण। इन दिनों चाहे कारखानों से फैल रहा प्रदूषण हो या फिर डीजल गाड़ियों से निकलने वाला धुंआ, सबसे बेंजीन गैस निकलती है। यही गैस हवा को प्रदूषित करती है जिससे फेफड़ों के कैंसर का ख़तरा होता है।
- तीसरा कारण है जेनेटिक यानी अनुवांशिक। शरीर में मौजूद जीन में बदलाव की वजह से भी इस तरह का कैंसर होता है।

डॉक्टरों के मुताबिक लंग कैंसर दो प्रकार के होते हैं
- स्मॉल सेल कैंसर
- नॉन स्मॉल सेल कैंसर

फेफड़े के कैंसर के लक्षण
- अगर तीन हफ्तों तक आपको खांसी है जो ठीक नहीं हो रही।
बलगम में खून आ रहा हो।
- सीढ़ियां चढ़ने उतरने में सांस फूलने लगती है।
- सीने में दर्द की शिकायत रहती हो।
- लगातार वजन घटना।
- अगर लंग कैंसर शरीर के दूसरे हिस्से जैसे दिमाग तक फैल चुका है, तो इसकी वजह से शरीर के किसी अंग को लकवा मार सकता है। अगर कैंसर किडनी तक फैल जाए तो हो सकता है कि जॉन्डिस यानी पीलिया की बीमारी होने की सम्भावना रहती है।



Click it and Unblock the Notifications
