Latest Updates
-
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश
ब्रैन और हार्ट स्ट्रोक से भी खतरनाक हैं लेग अटैक? जानें लक्षण, बचाव और इलाज
What is Leg Attack : ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक के बारे में तो हम जानते ही हैं, लेकिन क्या आपने कभी लेग अटैक के बारे में सुना है। जी हां, लेग अटैक ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक की ही तरह ब्लड क्लॉटिंग की वजह से शरीर में होने वाली एक खतरनाक स्थिति है। इस कंडीशन में मरीजे के पैर पर खतरनाक असर होता है।
यह स्थिति अटैक ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक जितनी ही खतरनाक मानी जाती है, अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो पैरों के सड़ने लगते हैं और खून का सर्कुलेशन रूकने से व्यक्ति के पैर का वो हिस्सा बेजान हो जाता है।

क्या है लेग अटैक?
न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसन में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक डायबिटीज के ऐसे मरीज जिनके पैरों में क्लॉटिंग की समस्या बढ़ जाती है। और जिसकी वजह से खून का सर्कुलशन कम हो जाता है और ऐसे में मरीज की पांव काटने पड़ते हैं। डायबिटीज के मरीज को इसलिए सलाह दी जाती है कि वो अपने पैरों की ज्यादा देखभाल करें। क्योंकि पैरों की नसों में ब्लड सर्कुलेशन प्रॉपर न होने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
लेग अटैक की लक्षण
लेग अटैक के लक्षण में से मुख्य लक्षण है कि पैरों में ब्लड सर्कुलेशन रूकने से व्यक्ति को चलने में दिक्कत आती है। पैर का हिस्सा बहुत तेज दर्द करता है। चलने में परेशानी होती है। पैर का हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन समुचित नहीं होने से वो हिस्सा ठंडा पड़ जाता है।
लेग अटैक से बचने के उपाय
- डायबिटीज को नियंत्रण में रखें, इसे मॉनिटर करें।
- स्मोकिंग करने से बचे क्योंकि धूम्रपान लेग अटैक की मुख्य वजह है।
- वजन मैंटेन रखें।
- वजन को नियंत्रित रखें।
- कोलेस्ट्रॉल और हाई बीपी से बचे
- खानपान का ध्यान रखें।
- जंक फूड से दूरी बनाएं।
ये जांच करवा रहें
लेग अटैक से बचने के लिए मधुमेह से पीड़ित लोगों को चाहिए कि वे साल में एक बार अपने पैरों की अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, डॉप्लर जैसी जांच जरुर कराएं, ताकि अगर स्थिति हो तो शुरुआती चरण में ही इसका पता लगाकर इलाज करवाया जा सकें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
