World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान

World Contraception Day 2026: विश्व गर्भनिरोधक दिवस (World Contraception Day 2026) हर साल 26 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद लोगों को गर्भनिरोधक के अलग-अलग तरीकों और सुरक्षित परिवार नियोजन के बारे में जागरूक करना है। अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए कई महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों यानी बर्थ कंट्रोल पिल्स का इस्तेमाल करती हैं। हालांकि, इन गोलियों को लेकर आज भी कई तरह की गलतफहमियां मौजूद हैं। बर्थ कंट्रोल पिल्स में ऐसे हार्मोन होते हैं, जो महिलाओं के शरीर में बनने वाले प्राकृतिक हार्मोन की तरह काम करते हैं। इनका इस्तेमाल प्रेग्नेंसी रोकने के अलावा कुछ हार्मोनल और गायनेकोलॉजिकल समस्याओं को मैनेज करने के लिए भी किया जाता है। लेकिन कई महिलाओं को यह जानकारी नहीं होती कि गर्भनिरोधक गोलियां शरीर में किस तरह काम करती हैं और इनके क्या फायदे या नुकसान हो सकते हैं। आइए, गुरुग्राम स्थित नारायणा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की सीनियर कंसल्टेंट, प्रसूति एवं स्त्री रोग डॉ शैली कपूर, से जानते हैं इसके बारे में -

Contraceptive Pills Benefits And Side Effects

गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं?

गर्भनिरोधक गोलियां मुख्य रूप से दो तरह की होती हैं। पहली कंबाइंड ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स, जिनमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन दोनों हार्मोन होते हैं। दूसरी प्रोजेस्टिन-ओनली पिल्स होती हैं, जिनमें केवल प्रोजेस्टिन हार्मोन होता है। ये गोलियां मुख्य रूप से ओव्यूलेशन यानी अंडे के रिलीज होने की प्रक्रिया को रोककर या उसमें बदलाव करके गर्भधारण की संभावना कम करती हैं। इसके अलावा, ये सर्विक्स के म्यूकस को गाढ़ा कर सकती हैं, जिससे स्पर्म के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है।

गर्भनिरोधक गोलियों के फायदे

अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने में मदद करना
पीरियड्स के दौरान होने वाली ऐंठन और ज्यादा ब्लीडिंग को कम करने में मदद करना
PMS (प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम) के लक्षणों को कम करना
कुछ महिलाओं में मुंहासों और पीसीओएस से जुड़े कुछ लक्षणों में सुधार करना
लंबे समय तक कुछ गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करने से ओवेरियन और एंडोमेट्रियल कैंसर का जोखिम कम हो सकता है

गर्भनिरोधक गोलियों के साइड इफेक्ट्स

हर दवा की तरह गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल से भी कुछ महिलाओं को साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इनमें मितली, सिरदर्द, ब्रेस्ट में हल्का दर्द और पीरियड्स के बीच हल्की ब्लीडिंग शामिल हैं। ये समस्याएं अक्सर गोलियां शुरू करने के शुरुआती महीनों में दिखाई देती हैं और बाद में कम हो सकती हैं।
हालांकि, कुछ गंभीर लेकिन दुर्लभ जोखिम भी हो सकते हैं। इनमें ब्लड क्लॉट यानी खून का थक्का बनना, स्ट्रोक और हार्ट अटैक शामिल हैं। खासकर 35 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में, जो स्मोकिंग करती हैं, इन जोखिमों पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी होता है। बर्थ कंट्रोल पिल्स से वेनस थ्रोम्बोएम्बोलिज्म (VTE) का खतरा भी हो सकता है।

किन महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियां नहीं लेनी चाहिए?

हर महिला के लिए बर्थ कंट्रोल पिल्स सुरक्षित हों, यह जरूरी नहीं है। कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों में इनके इस्तेमाल से बचना चाहिए। इनमें ब्लड क्लॉट की हिस्ट्री, माइग्रेन विद ऑरा, अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर, लिवर की बीमारी और कुछ हार्मोन-सेंसिटिव कैंसर शामिल हैं। ऐसी स्थिति में महिला के लिए गर्भनिरोधक का कौन-सा तरीका सुरक्षित रहेगा, यह डॉक्टर उसकी स्वास्थ्य स्थिति और जरूरत के आधार पर तय कर सकते हैं। कुछ महिलाओं के लिए प्रोजेस्टिन-ओनली पिल्स या कॉपर IUD जैसे विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, September 26, 2026, 9:30 [IST]
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