Diwali 2026: कब करें लक्ष्मी पूजन? श्री देवकीनंदन ठाकुर जी ने बताया शुभ मुहूर्त और समृद्धि का उपाय

दीपावली पर हर घर में यही सवाल गूंजता है कि लक्ष्मी पूजन किस समय करें और माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए क्या उपाय अपनाएं। कथावाचक श्री देवकीनंदन ठाकुर जी ने इस दिवाली राहुकाल को लेकर सावधानी बरतने और एक सरल उपाय करने की सलाह दी है।

Lakshmi Puja Muhurat 2026

अमावस्या तिथि 2026: लक्ष्मी पूजन कार्तिक अमावस्या की संध्या में प्रदोष काल के दौरान किया जाता है।

शुरू: 8 नवंबर, सुबह 11:27 बजे से
समाप्त: 9 नवंबर, दोपहर 12:31 बजे तक

ठाकुर जी के अनुसार राहुकाल में न करें शुभ कार्य
श्री देवकीनंदन ठाकुर जी के अनुसार राहुकाल शाम 4:21 से 5:44 बजे तक रहेगा। इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। इसलिए पूजा की शुरुआत, नई वस्तुओं की खरीदारी या किसी मांगलिक कार्य का आरंभ राहुकाल समाप्त होने के बाद ही करें। तब तक आप घर की सफाई, सजावट और पूजा की तैयारी जैसे सामान्य कार्य कर सकते हैं।

शहर के अनुसार लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त हर शहर में अलग होता है, क्योंकि सूर्यास्त का समय बदलता है। मुख्य शहरों के पूजन मुहूर्त और प्रदोष काल नीचे दिए गए हैं।

शहर पूजन मुहूर्त प्रदोष काल
दिल्ली शाम 5:54 - 7:50 शाम 5:31 - 8:09
मुंबई शाम 6:27 - 8:27 शाम 6:02 - 8:34
कोलकाता शाम 5:20 - 7:18 शाम 4:55 - 7:29
चेन्नई शाम 6:06 - 8:09 शाम 5:40 - 8:09
बेंगलुरु शाम 6:17 - 8:20 शाम 5:51 - 8:20
हैदराबाद शाम 6:07 - 8:08 शाम 5:42 - 8:13
अहमदाबाद शाम 6:22 - 8:20 शाम 5:58 - 8:32
पुणे शाम 6:24 - 8:24 शाम 5:59 - 8:30
जयपुर शाम 6:03 - 7:59 शाम 5:39 - 8:16
लखनऊ शाम 5:42 - 7:39 शाम 5:19 - 7:55
पटना शाम 5:28 - 7:25 शाम 5:04 - 7:39
इंदौर शाम 6:09 - 8:08 शाम 5:45 - 8:19
चंडीगढ़ शाम 5:52 - 7:46 शाम 5:30 - 8:08

समृद्धि के लिए ठाकुर जी का उपाय

1. घर पर कनकधारा स्तोत्र का पाठ कराएं।
कनकधारा स्तोत्र माँ लक्ष्मी की स्तुति है, जिसे धन-समृद्धि की कामना से पढ़ा जाता है। दीपावली के दिन परिवार के सदस्य मिलकर इसका पाठ कर सकते हैं या किसी योग्य विद्वान से करवा सकते हैं। शांत मन और श्रद्धा से किया गया पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।

2. माँ लक्ष्मी को खीर और सिंघाड़े का भोग लगाएं।
पूजन के समय माँ को खीर और सिंघाड़े का भोग अवश्य अर्पित करें। इसके बाद इसे प्रसाद के रूप में परिवार और आस-पड़ोस में बाँटें।

लक्ष्मी पूजन की तैयारी के सुझाव

  • पहले सफाई करें। घर स्वच्छ हो तो लक्ष्मी का वास माना जाता है।
  • चौकी सजाएं। लाल या पीला कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति स्थापित करें।
  • सामग्री पहले से रखें। रोली, अक्षत, फूल, दीप, मिठाई, खील-बताशे और भोग पहले से तैयार रखें।
  • दीप जलाएं। द्वार, आँगन और पूजा स्थान पर दीप सजाएं।
  • समय का ध्यान रखें। मुहूर्त की शुरुआत में पूजा आरंभ करें और राहुकाल में कोई शुभ कार्य न करें।
  • स्थानीय पंचांग देखें। यदि आपका शहर सूची में नहीं है, तो अपने स्थानीय पंचांग या पंडित से सही समय पूछ लें।

दीपावली का पूजन सही समय और सच्ची श्रद्धा से करने पर मन को शांति और घर में सकारात्मकता मिलती है। श्री देवकीनंदन ठाकुर जी की सलाह है कि राहुकाल में शुभ कार्य न करें, कनकधारा स्तोत्र का पाठ कराएं और माँ लक्ष्मी को खीर व सिंघाड़े का भोग लगाएं। इन सरल बातों को अपनाकर आप अपनी दिवाली को और भी मंगलमय बना सकते हैं।

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