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Narak Chaturdashi 2026: बाल और नाखून काटना क्यों है अशुभ? निरोगी रहने के लिए कर लें ये उपाय
दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव का दूसरा दिन नरक चतुर्दशी है, जिसे छोटी दीवाली, काली चौदस और रूप चौदस भी कहा जाता है। यह दिन तन और मन की शुद्धि का माना जाता है। परंपरा के अनुसार इस दिन बाल और नाखून नहीं कटवाए जाते, और उबटन लगाकर स्नान करने से सौंदर्य और आरोग्य मिलता है।

नरक चतुर्दशी का महत्व
कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने इसी तिथि पर नरकासुर का वध किया और उसकी कैद से सोलह हज़ार कन्याओं को मुक्त कराया। इसलिए इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व माना जाता है। इस दिन यमराज के नाम का दीपक जलाने की भी परंपरा है, जिससे अकाल मृत्यु के भय से रक्षा की कामना की जाती है।
बाल और नाखून क्यों न कटवाएं?
पारंपरिक मान्यता है कि पर्व के दिन बाल और नाखून कटवाने से घर की सकारात्मक ऊर्जा और लक्ष्मी की कृपा में कमी आ सकती है। बड़े-बुज़ुर्ग इस दिन को शुभ और पवित्र मानते हुए शरीर की काट-छांट से बचने की सलाह देते हैं। इसीलिए लोग त्योहार से पहले ही हजामत, बाल कटवाना और नाखून काटना निपटा लेते हैं।
व्यावहारिक रूप से देखें तो यह सीख भी मिलती है कि पर्व के दिन का पूरा समय पूजा, परिवार और उल्लास को दिया जाए, और साज-सज्जा की तैयारी पहले से हो जाए। यह मान्यता आस्था पर आधारित है, इसलिए अपने परिवार की परंपरा के अनुसार ही इसका पालन करें।
उबटन लगाकर स्नान: रूप और आरोग्य का उपाय
इस दिन का सबसे प्रसिद्ध उपाय है अभ्यंग स्नान, यानी सूर्योदय से पहले तेल और उबटन लगाकर नहाना। इसी कारण इसे रूप चौदस कहा जाता है।
उबटन बनाने की सरल विधि:
2 चम्मच बेसन
1 चुटकी हल्दी
थोड़ा चंदन पाउडर (वैकल्पिक)
दूध या दही, या गुलाब जल
थोड़ा सरसों या तिल का तेल
इन सबको मिलाकर गाढ़ा लेप बना लें।
लगाने की विधि:
नहाने से पहले शरीर पर हल्का तेल लगाकर मालिश करें।
फिर उबटन को चेहरे और शरीर पर लगाएं।
सूखने लगे तो हल्के हाथों से रगड़कर छुड़ाएं और गुनगुने पानी से नहा लें।
यदि संभव हो तो नहाने के पानी में कुछ बूँदें गंगाजल की मिला लें।
उबटन के लाभ
बेसन त्वचा की मृत कोशिकाओं को साफ करने में सहायक माना जाता है, हल्दी अपने रोगाणुरोधी गुणों के लिए जानी जाती है, और तेल की मालिश से त्वचा को नमी और शरीर को आराम मिलता है। ठंड की शुरुआत में यह त्वचा को रूखेपन से बचाने में भी उपयोगी रहता है। आयुर्वेद में तेल मालिश को स्वास्थ्य का अच्छा उपाय माना गया है।
सावधानी जिन्हें त्वचा की एलर्जी या संवेदनशील त्वचा है, वे पहले हाथ के छोटे हिस्से पर परीक्षण कर लें। हल्दी से कपड़ों पर दाग लग सकते हैं।



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