Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम

Navratri Vrat Rules 2026: नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दौरान मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. साथ ही, भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार उपवास भी रखते हैं। कुछ लोग नवरात्रि के पहले और आखिरी दिन उपवास रखते हैं। वहीं, कई लोग पूरे नौ दिनों तक व्रत रखते हैं। मान्यता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा की विधि-वधान से पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस साल शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 19 अक्टूबर को समाप्त होगी। नवरात्रि में पूजा-पाठ के साथ खानपान के नियमों का भी ध्यान रखना जरूरी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उपवास के दौरान नियमों का पालन न करने से आपको व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलेगा। तो आइए, जानते हैं नवरात्रि व्रत के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं -

Navratri Foods To Eat And Avoid

नवरात्रि व्रत में क्या खाएं?

दूध से बनी चीजें

नवरात्रि व्रत के दौरान दूध, दही और पनीर को भोजन में शामिल किया जा सकता है। इनसे शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है। उपवास के दौरान दूध से बनी चीजों का सेवन करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और ऊर्जा बनी रहती है।

मौसमी फल

नवरात्रि व्रत में आप केला, सेब, अनार और पपीता जैसे फल खा सकते हैं। इनमें मौजूद विटामिन और प्राकृतिक शर्करा शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं।

सामा के चावल

उपवास के दौरान सामा के चावल या इनसे बनी डिश खाई जा सकती है। इनमें फाइबर पाया जाता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। व्रत के लिए सामा के चावल से खिचड़ी या दूसरी फलाहारी डिश तैयार की जा सकती है।

सिंघाड़े के आटे से बनी चीजें

चैत्र नवरात्रि के व्रत में सिंघाड़े के आटे का इस्तेमाल भी किया जाता है। इससे रोटी, पूरी या दूसरी फलाहारी चीजें बनाई जा सकती हैं। इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं।

नवरात्रि व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?

नवरात्रि के उपवास में खानपान से जुड़े कुछ नियमों का पालन किया जाता है। इस दौरान आमतौर पर अनाज खाने से परहेज किया जाता है। चावल और गेहूं से बनी चीजों के बजाय आप व्रत में खाए जाने वाले विकल्प चुन सकते हैं। इसके अलावा, पैकेट वाले खाद्य पदार्थों, तेल में तली चीजों और ज्यादा मीठे व्यंजनों का सेवन नहीं किया जाता है। व्रत के दौरान प्याज और लहसुन का इस्तेमाल भी नहीं किया जाता। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों मांस-मदिरा जैसे तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।

नवरात्रि व्रत के जरूरी नियम

पहले दिन करें कलश स्थापना

नवरात्रि की शुरुआत में पूजा स्थल पर कलश स्थापित किया जाता है। इसी दिन अखंड ज्योति जलाने की परंपरा भी है।

अखंड ज्योति का रखें ध्यान

अगर घर में अखंड ज्योति जलाई गई है, तो उसकी नियमित देखभाल करें। परंपरा के अनुसार, इसे पूरे समय जलाए रखने का ध्यान रखा जाता है। साथ ही, दीपक को सुरक्षित जगह पर रखें और आग से जुड़ी सावधानियां बरतें।

पूजा स्थल की सफाई

नवरात्रि के दौरान पूजा वाली जगह को साफ-सुथरा रखें। पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को भी व्यवस्थित रखें।

ब्रह्मचर्य का पालन करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करने और मन को शांत रखने पर जोर दिया जाता है।

सात्विक भोजन करें

व्रत के दौरान फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और समा के चावल खा सकते हैं। व्रत में सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है।

सही समय पर करें व्रत का पारण

नवरात्रि व्रत का पारण करने के लिए नवमी तिथि समाप्त होने और दशमी तिथि शुरू होने का ध्यान रखा जाता है। तिथि और पारण का समय पंचांग के अनुसार देखना चाहिए।

Story first published: Monday, October 12, 2026, 17:00 [IST]
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