Latest Updates
-
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश -
Karwa Chauth Wishes For Wife: चांद की चांदनी...करवा चौथ के मौके पर पत्नी को भेजें ये प्यार भरे मैसेज और शायरी -
Happy Karwa Chauth 2026 Wishes: चांद से मांगी हैं आपके लिए खुशियां…इन संदेशों से दें करवा चौथ की शुभकामनाएं -
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर पति-पत्नी शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
Karwa Chauth 2026 Moonrise Time: करवा चौथ पर चांद कब निकलेगा? जानें आपके शहर में कब होगा दीदार -
Aditi Rao Hydari ने बताया ब्यूटी सीक्रेट, ग्लोइंग और फ्लॉलेस स्किन के लिए इस्तेमाल करती हैं ये घरेलू नुस्खे
Shardiya Navratri Day 2: नवरात्रि के दूसरे दिन ऐसे करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती
Shardiya Navratri 2026 Day 2: शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, धैर्य और संयम की देवी हैं। उनकी पूजा करने से भक्तों को आत्मविश्वास, धैर्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है। नवरात्रि के इस दिन भक्त विधि-विधान से माता की पूजा करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आइए जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, मंत्र, भोग, पूजा सामग्री और आरती के बारे में -

मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप
मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी तप और साधना का प्रतीक है। माता का स्वरूप बेहद शांत और सरल है। वे सफेद वस्त्र धारण करती हैं। उनके दाएं हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल रहता है। जप की माला उनकी भक्ति और साधना को दर्शाती है, जबकि कमंडल संयम और सादगी का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी इसी तपस्या के कारण उन्हें ब्रह्मचारिणी नाम मिला।
मां शैलपुत्री की पूजा का महत्व
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से भक्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है। साथ ही, जीवन में अनुशासन और धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा भी मिलती है। माता ब्रह्मचारिणी से प्रार्थना करें कि वे जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति दें और परिवार में सुख-शांति बनाए रखें।
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि
शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें।
इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करें और गंगाजल छिड़ककर स्थान को शुद्ध करें।
अब मां ब्रह्मचारिणी की तस्वीर या प्रतिमा को पूजा स्थान पर स्थापित करें।
माता को फूल, अक्षत, रोली और कुमकुम अर्पित करें। इसके बाद धूप और घी का दीपक जलाएं।
मां को मिश्री, पंचामृत, फल और मिठाई का भोग लगाएं।
पूजा के दौरान मां ब्रह्मचारिणी के मंत्रों का जाप करें और उनकी कथा पढ़ें या सुनें।
अंत में माता की आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।
मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र
ध्यान मंत्र
दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
मां ब्रह्मचारिणी को किस चीज का भोग लगाएं?
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री और पंचामृत का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा माता को फल और अन्य सात्विक मिठाइयां भी अर्पित की जा सकती हैं।
मां ब्रह्मचारिणी की आरती
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।
जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
ब्रह्मा जी के मन भाती हो।
ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।
जिसको जपे सकल संसारा।
जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
कमी कोई रहने न पाए।
कोई भी दुख सहने न पाए।
उसकी विरति रहे ठिकाने।
जो तेरी महिमा को जाने।
रुद्राक्ष की माला ले कर।
जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
आलस छोड़ करे गुणगाना।
मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।
पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तेरे चरणों का पुजारी।



Click it and Unblock the Notifications
