Latest Updates
-
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा
18 मार्च से शुरु हैं चैत्र नवरात्रि.. इस बार 8 होंगी नवरात्रियां
चैत्र नवरात्रि के लिये घटस्थापना चैत्र प्रतिपदा को होती है जो कि हिन्दु कैलेण्डर का पहला दिवस होता है। अतः भक्त लोग साल के प्रथम दिन से अगले नौ दिनों तक माता की पूजा कर वर्ष का शुभारम्भ करते हैं। इस बार चैत्र नवरात्र 18 मार्च से 26 मार्च तक रहेंगे।
अबकी बार चैत्र नवरात्र में विशेष यह है कि लगातार चौथे वर्ष चैत्र नवरात्र 8 दिन की होगी, क्योंकि सप्तमी-अष्टमी तिथि एक साथ है। नवरात्रि की शुरुआत प्रतिपदा को सर्वार्थ सिद्धि योग में होगी।

9 नहीं 8 नवरात्रि होंगे..
इस बार नवरात्रि 8 दिनों के होंगे सप्तमी और अष्टमी तिथि एक साथ होंगी। नवरात्रि के नौ दिनों में दुर्गा शप्तसती का पाठ करना बहुत उत्तम रहता है। ऐसे कहा जाता है कि अगर साफ-सफाई से सही शब्दों की उच्चारण किया जाए तो देवी मां का आशीर्वाद मिलता है।

9 नहीं 8 नवरात्रि होंगे..
इस बार नवरात्रि 8 दिनों के होंगे सप्तमी और अष्टमी तिथि एक साथ होंगी। नवरात्रि के नौ दिनों में दुर्गा शप्तसती का पाठ करना बहुत उत्तम रहता है। ऐसे कहा जाता है कि अगर साफ-सफाई से सही शब्दों की उच्चारण किया जाए तो देवी मां का आशीर्वाद मिलता है।

कलश स्थापना का महत्व
नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना का खास महत्व होता है। इसलिए इसकी स्थापना विशेष और सही मुहूर्त में ही करनी चाहिए। हिन्दू शास्त्र में भी इस बात का जिक्र किया गया है की कलश स्थापना सही मुहूर्त में ही करना चाहिए, ऐसा करने से घर में सुख और समृद्धि आती है।

कलश स्थापना का मूहूर्त..
नवरात्रि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त इस बार सुबह 06:31 से 07:46 बजे तक हैं। इसके अलावा वृषभ लग्न में सुबह 9:30 मिनट से 11:15 मिनट तक का भी मूहूर्त हैं। घट स्थापना वैसे प्रतिपदा तिथि में होता हैं। प्रतिपदा तिथि 17 मार्च 2018, शनिवार 18:41 से आरम्भ होकर 18 मार्च 2018, रविवार 18:31 पर समाप्त होगी।

ये है तिथिया..
- 18 मार्च (रविवार), 2018 : घट स्थापन एवं मां शैलपुत्री पूजा
- 19 मार्च (सोमवार), 2018 : मां ब्रह्मचारिणी
- 20 मार्च (मंगलवार), 2018 : मां चंद्रघंटा पूजा
- 21 मार्च (बुधवार), 2018 : मां कुष्मांडा पूजा
- 22 मार्च (बृहस्पतिवार ), 2018: मां स्कंदमाता पूजा
- 23 मार्च (शुक्रवार ), 2018: मां कात्यायनी पूजा
- 24 मार्च (शनिवार), 2018 : मां कालरात्रि पूजा , मां महागौरी पूजा, दुर्गा अष्टमी
- 25 मार्च (रविवार ), 2018 : राम नवमी



Click it and Unblock the Notifications
