Latest Updates
-
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता -
दिल को हेल्दी रखते हैं ये 5 योगासन, हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही बना लें रूटीन का हिस्सा -
World Heart Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हृदय दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
Pitru Paksha 2026 Food Rules: पितृपक्ष में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े जरूरी नियम -
Tanya Mishra: कौन हैं तान्या मिश्रा? अचानक कैसे बनीं देश की नई 'नेशनल क्रश', इंटरनेट पर तस्वीरें हो रहीं वायरल
Ganesh Jayanti 2023: आज है गणेश जयंती, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मंत्र

गणेश जयंती पर भद्रा और पंचक
आज गणेश जयंती के दिन भद्रा का वास है, जो सुबह 07:13 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक बना रहेगा। आज पंचक भी पूरे दिन है। भद्रा में पूजा पाठ की जाती है, लेकिन आज तो खुद विघ्नहर्ता का दिन है, वे सभी अशुभ प्रभावों को दूर कर देते है। पंचक भी राज पंचक है, इसमें शुभ फल मिलता है। आज के दिन चंद्रमा को न देखें. चंद्रमा दर्शन से कलंक लगता है।
आज गणेश जयंती पर पूजा का शुभ मुहूर्त-
सुबह 11 बजकर 29 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक।
रवि योग- सुबह 06 बजकर 44 मिनट से 08 बजकर 05 मिनट तक रहेगा।
माघ शुक्ल चतुर्थी तिथि का प्रारंभ- 24 जनवरी, दिन मंगलवार, दोपहर 03:22 बजे से।
माघ शुक्ल चतुर्थी तिथि का समापन- आज, बुधवार, दोपहर 12:34 बजे पर।

गणेश जयंती व्रत और पूजा विधि
आज स्नान के बाद पीले या लाल रंग के वस्त्र पहनें। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें करके गणेश जयंती व्रत रखें और पूजा का संकल्प लें। आज के दिन के शुभ मुहूर्त में गणेश जी की मूर्ति पर का जलाभिषेक करें। भगवान गणेश को चंदन, सिंदूर, फूल, माला, धूप, दीप, नारियल, फल, हल्दी, पान, सुपारी का अर्पित करें। इस वक्त आप ओम गं गणपतये नमो नम: मंत्र का उच्चारित करते रहें। गणेश चालीसा, गणपति स्तोत्र और गणेश जयंती की व्रत कथा इस दौरान पढ़ें। गणेश जी को मोदक, लड्डू, केला का भोग लगाएं।
Disclaimer- इस लेख में दी गई सूचनाएं और जानकारी, सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इनकी पुष्टि नहीं करता है।



Click it and Unblock the Notifications
