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दीपावली में धनतेरस का है बहुत बड़ा महत्व, जानिए कैसे करें धनतेरस पूजा, ये है पूजा विधि...

हमारे देश में हिदुओं का सबसे बड़ा त्योहार दीवाली ही माना जाता है। इस दिन सभी घरों में दिए जलाए जाते है और अंधकार का नाश किया जाता है।
लेकिन इसके पहले मनाए जाना वाला धनतेरस का दिवाली में बहुत बड़ा महत्व है।
धनतेरस का पर्व धन, सुख और समृद्धि के रूप में मनाया जाता है। धनतेरस के दिन कुबेर की पूजा होती है। आइए जानते है कि धनतेरस पूजा कैसे की जाती है।

हमारे देश में हिदुओं का सबसे बड़ा त्योहार दीवाली ही माना जाता है। इस दिन सभी घरों में दिए जलाए जाते है और अंधकार का नाश किया जाता है।
लेकिन इसके पहले मनाए जाना वाला धनतेरस का दिवाली में बहुत बड़ा महत्व है। धनतेरस का पर्व धन, सुख और समृद्धि के रूप में मनाया जाता है। धनतेरस के दिन कुबेर की पूजा होती है।
आइए जानते है कि धनतेरस पूजा कैसे की जाती है।
जानिए कैसे करें धनतेरस की पूजा
1- आप किसी भी लकड़ी की वस्तु पर स्वास्तिक का निशान बनाएं और इसके रोली का प्रयोग करें
2- उस स्थान पर एक मिट्टी के दिए को रखें।
3 ऐसा करने के बाद उस पर गंगा जल का चारों तरफ छिड़काओं करना चाहिए।
4- इसके बाद आप दिये में थोड़ी चीनी डाले और रोली लगाएं।
5- जल रहे दिए में आप पैसे का सिक्का भी डालें और फूल चढाकर इसको नमस्कार करें।
6- ध्यान रहे कि ऐसा करने के बाद तुरंच परिवार के सदस्यों को तिलक भी लगाएं और दिए को द्वार पर रखे।
7- दिए को द्वार पर रखने में इस बात की विशेश ध्यान रखें कि उसकी लौ दक्षिण दिशा में है कि नहीं।
8- इन सभी विधियों को करने के बाद यम देव की पूजा करना जरूरी है इसलिए एक और मिट्टी का दिया जलाएं औरपूजा करें।
9- "ॐ धन धनवंतारये नमः का 108 बार जाप करें
10- ध्यान रहें कि ये पूजा करने के बाद भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा करना भी जरूरी है। अगर आपने ऐसा नहीं किया तो आपकी पूजा अधूरी मानी जाएगी।



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