Latest Updates
-
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश
Global Handwashing Day 2026: इस बार किस थीम के साथ मनाया जा रहा है यह दिन? जानें हाथ धोने का सही तरीका
Global Handwashing Day 2026: हम दिनभर कई चीजों को छूते हैं, जिनके जरिए कीटाणु हाथों तक पहुंच सकते हैं। अगर बिना हाथ साफ किए खाना खाया जाए या आंख, नाक और मुंह को छुआ जाए, तो संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। साबुन और साफ पानी से हाथ धोना इस खतरे को कम करने का आसान तरीका है। इसी आदत को बढ़ावा देने के लिए हर साल ग्लोबल हैंडवाशिंग डे (Global Handwashing Day) मनाया जाता है। आइए, जानते हैं इस दिन का इतिहास, महत्व और 2026 की थीम के बारे में। साथ ही, जानेंगे हाथ धोने का सही तरीका क्या है -

ग्लोबल हैंडवाशिंग डे का इतिहास
ग्लोबल हैंडवाशिंग डे की शुरुआत साल 2008 में हुई थी। इसे ग्लोबल हैंडवाशिंग पार्टनरशिप ने शुरू किया था। इस पहल का उद्देश्य दुनिया भर में लोगों को साबुन और पानी से हाथ धोने के महत्व के बारे में बताना और इसे रोजमर्रा की आदत बनाना है। पहली बार यह दिवस 15 अक्टूबर 2008 को मनाया गया था। इस मौके पर 70 से ज्यादा देशों में 12 करोड़ से अधिक बच्चों ने साबुन से हाथ धोने की गतिविधियों में हिस्सा लिया था। इसके बाद से हर साल इस दिन को हाथों की सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। स्कूलों, सरकारी संस्थानों और सामाजिक संगठनों के जरिए भी लोगों को इस आदत के फायदे बताए जाते हैं।
ग्लोबल हैंडवाशिंग डे का महत्व
हाथ धोना सेहत की देखभाल का एक आसान और प्रभावी तरीका है। रोजमर्रा के कामों के दौरान हाथों पर गंदगी, कीटाणु और दूसरे हानिकारक पदार्थ आ सकते हैं। साबुन और साफ पानी से हाथ धोने पर इन्हें हटाने में मदद मिलती है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, साबुन से हाथ धोने की आदत डायरिया से जुड़ी बीमारियों और सर्दी-जुकाम जैसे श्वसन संक्रमणों को रोकने में मदद कर सकती है। इस दिवस का महत्व इसलिए भी है कि यह लोगों को हाथ धोने का सही तरीका और उन मौकों की जानकारी देता है, जब हाथ साफ करना जरूरी होता है।
ग्लोबल हैंडवाशिंग डे 2026 की थीम
ग्लोबल हैंडवाशिंग डे की थीम हर साल हाथों की सफाई के महत्व को समझाने के लिए रखी जाती है। ग्लोबल हैंडवाशिंग पार्टनरशिप के अनुसार, इस साल की थीम "Be a Handwashing Hero" है, जिसका मतलब है हाथ धोने की आदत को अपनाना और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करना। इस अभियान के जरिए लोगों को अपने घर, स्कूल और आसपास की जगहों पर साफ-सफाई का ध्यान रखने और दूसरों को भी हाथ धोने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया जाता है।
हाथ धोने का सही तरीका क्या है?
हाथों को गीला करें: सबसे पहले साफ, बहते पानी से दोनों हाथ अच्छी तरह गीले करें।
साबुन लगाएं: हाथों की हथेलियों पर साबुन लगाकर झाग बनाएं।
हथेलियों को रगड़ें: दोनों हथेलियों को आपस में अच्छी तरह रगड़ें।
हाथों के पीछे की सफाई करें: एक हाथ की हथेली से दूसरे हाथ के पीछे वाले हिस्से को साफ करें। इसके बाद दूसरे हाथ से भी यही प्रक्रिया दोहराएं।
उंगलियों के बीच साफ करें: उंगलियों को आपस में फंसाकर उनके बीच की जगह को अच्छी तरह रगड़ें।
नाखूनों के आसपास सफाई करें: उंगलियों के सिरों और नाखूनों के नीचे की जगह को भी साफ करें।
अंगूठों को साफ करें: दोनों अंगूठों को अलग-अलग हाथ से पकड़कर अच्छी तरह रगड़ें।
कम से कम 20 सेकंड तक रगड़ें: हाथों के सभी हिस्सों पर साबुन लगाने के बाद कम से कम 20 सेकंड तक हाथों को रगड़ें।
पानी से धो लें: साफ, बहते पानी से हाथों पर लगा साबुन अच्छी तरह निकाल दें।
हाथ सुखाएं: साफ तौलिए से हाथ पोंछें या उन्हें हवा में सूखने दें।
अगर साबुन और पानी उपलब्ध नहीं हैं, तो कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, हाथों पर गंदगी या चिकनाई लगी हो, तो साबुन और पानी से धोना बेहतर है।



Click it and Unblock the Notifications
