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Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 7 जगहें, दिखेगा कृष्ण भक्ति का खास रंग
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी हिंदू धर्म के सबसे खास पर्वों में से एक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी का पर्व भगवान कृष्ण के जन्म की खुशी में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में मंदिरों को सजाया जाता है और रात में कृष्ण जन्म के समय विशेष पूजा की जाती है। कई जगहों पर भजन-कीर्तन, झांकियां और दही हांडी जैसे कार्यक्रम भी होते हैं। अगर आप इस बार जन्माष्टमी पर कहीं घूमने का सोच रहे हैं और कृष्ण भक्ति से जुड़े खास आयोजन देखना चाहते हैं, तो इन जगहों को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

मथुरा
जन्माष्टमी पर मथुरा जाना अपने आप में खास अनुभव होता है। भगवान कृष्ण का जन्म यहीं हुआ था, इसलिए इस दिन शहर के मंदिरों में सुबह से ही चहल-पहल शुरू हो जाती है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में विशेष पूजा और जन्मोत्सव का आयोजन होता है। रात में कृष्ण जन्म के समय होने वाली पूजा देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। शहर में जगह-जगह कृष्ण की झांकियां, भजन और दूसरे धार्मिक कार्यक्रम भी होते हैं।
वृंदावन
जन्माष्टमी के दौरान वृंदावन में भी कृष्ण भक्ति का अलग ही माहौल देखने को मिलता है। बांके बिहारी मंदिर, इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर समेत कई जगहों पर विशेष सजावट की जाती है। मंदिरों में पूजा, भजन और कीर्तन होते हैं। जन्माष्टमी पर यहां होने वाली झांकियां और रात की पूजा देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। अगर आप त्योहार के दौरान वृंदावन जाएं तो मंदिरों के साथ यहां का माहौल भी आपको काफी पसंद आएगा।
गोवर्धन
भगवान कृष्ण के बचपन से जुड़ी गोवर्धन की अपनी खास जगह है। माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की थी। जन्माष्टमी के समय यहां गोवर्धन मंदिर और आसपास के दूसरे धार्मिक स्थानों पर भी विशेष पूजा होती है। इस मौके पर श्रद्धालु गोवर्धन की परिक्रमा करने पहुंचते हैं। कृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों को देखने के लिए यह जगह भी अच्छी मानी जाती है।
द्वारका
गुजरात की द्वारका नगरी का नाम भी भगवान कृष्ण से जुड़ा हुआ है। यहां स्थित द्वारकाधीश मंदिर जन्माष्टमी पर खास तौर पर सजाया जाता है। मंदिर में पूजा और कृष्ण जन्म से जुड़े कार्यक्रम होते हैं। जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अगर आप कृष्ण से जुड़े ऐतिहासिक और धार्मिक स्थानों को देखना चाहते हैं तो द्वारका को अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं।
दिल्ली
अगर आप दिल्ली में रहते हैं और जन्माष्टमी पर बाहर ज्यादा दूर नहीं जाना चाहते, तो राजधानी में भी कई जगहों पर इस त्योहार की रौनक देख सकते हैं। मंदिरों में विशेष सजावट, कृष्ण की झांकियां, भजन-कीर्तन और पूजा के कार्यक्रम होते हैं। कई जगहों पर दही हांडी और दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। परिवार के साथ जन्माष्टमी मनाने के लिए दिल्ली के प्रमुख मंदिरों और आसपास होने वाले आयोजनों को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।
मुंबई
मुंबई में जन्माष्टमी का सबसे खास आकर्षण दही हांडी का आयोजन होता है। शहर के अलग-अलग इलाकों में गोविंदा की टोलियां दही हांडी फोड़ने के लिए मानव पिरामिड बनाती हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं और आसपास का माहौल उत्सव जैसा हो जाता है। कई जगहों पर भगवान कृष्ण की झांकियां और पूजा भी होती है। जन्माष्टमी पर मुंबई में धार्मिक उत्सव के साथ दही हांडी की रौनक भी देखने को मिलती है।
उडुपी
कर्नाटक का उडुपी भी भगवान कृष्ण से जुड़ी प्रमुख जगहों में गिना जाता है। यहां का श्रीकृष्ण मंदिर काफी प्रसिद्ध है। जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में विशेष पूजा और कृष्ण जन्म का उत्सव मनाया जाता है। मंदिर में होने वाले कार्यक्रमों में स्थानीय परंपराओं और दक्षिण भारत की पूजा पद्धति की झलक भी देखने को मिलती है। कृष्ण मंदिर के दर्शन के साथ यहां की स्थानीय संस्कृति और खान-पान को भी करीब से देखा जा सकता है।



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