Latest Updates
-
Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या है नियम -
शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में क्यों रखी जाती है खीर? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण -
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ से पहले चेहरे पर चाहिए नेचुरल ग्लो? ट्राई करें शहनाज हुसैन के ये 5 होममेड फेस पैक -
Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय -
Shamonda Virus: शमोंडा वायरस क्या है और कैसे फैलता है? फ्रांस में पहली बार इंसान संक्रमित, जांच शुरू -
बार-बार सिरदर्द होना हो सकता है इन 6 गंभीर बीमारियों का संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी -
सौंफ और धनिया का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, जानें सेवन का सही तरीका -
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई
ऐसे स्कूल जहां बच्चों को गलती करने पर मिलती है अनोखी सजा
बचपन में हम सभी को स्कूल में कई तरह की सजा मिलती थी। डंडे से पीटने से लेकर घुटनों पर झुके रहने तक। दुनियाभर में बच्चों को कई अजीब तरीकों से पनिश किया जाता है।

हम आपको बता रहे हैं ऐसे ही कुछ अजीब तरीके। इन्हें देखकर आपको लगेगा कि हमारे को जो सजा मिलती थी वो तो बहुत कम थी लेकिन ये सजा तो सामान्य से बहुत अजीब है।

जमे हुये मटरों पर घुटनों के बल बैठना
आजकल स्कूलों में यह सजा बहुत दी जाती है है, खास कर एशिया के स्कूलों में। आज्ञा नहीं मानने वालों बच्चों को टीचर यह सजा देते है। इसमें टीचर द्वारा बच्चों को लंबे समय के लिए जमे हुये मटरों पर घुटनों के बल बैठने के लिए कहा जाता है।

सबके सामने हाथ खड़े करना
बच्चों को कई बुरी स्थितियों में डाट-फटकार खानी पड़ती है। कई बार लड़ाई करने के कारण बच्चों को स्कूल से निकाल भी दिया जाता है। लेकिन सबके सामने हाथ खड़े करके खड़े होना और सब हँसे तो कितनी बेइज्जती वाली बात है।

अपनी अक्षमता को दिखाना
यह किसी स्कूल की सजा नहीं है लेकिन कुछ पेरेंट्स बच्चे की शैक्षिक असफलता पर उन्हें ऐसी चीज पहनने पर मजबूर करते हैं जिसमें उनकी असफलता के बारे में लिखा होता है। जैसे कि "मैं कक्षा में हंसी का पात्र बनना चाहता हूँ। क्या यह गलत है। आगे यह भी होता है "मैं सातवी कक्षा में हूँ और मेरे तीन F आए हैं। यदि इसमें कुछ गलत है तो आप बताएं।

फर्श के बाहर लंच करना
न्यू जर्सी की एक प्राथमिक स्कूल में बच्चों को कक्षा में पानी का जग बिखेरने के कारण फर्श से बाहर खाना खाने पर मजबूर किया गया। इसके साथ ही इस चीज के लिए भी मजबूर किया गया कि वे इस सजा के बारे में किसी को भी ना बताएं, यदि बताया तो उन्हें वहाँ ज़्यादा देर तक रहना पड़ेगा।

बाल काटना
एक हताश टीचर ने एक स्कूल के लड़की के बाल काट दिये। जब स्कूल प्रशासन ने उससे पूछा तो उसने कहा कि वह अपसेट थी और उसे नहीं पता यह सब कैसे हो गया। नासमझी में यह हो गया! बाद में उस टीचर को निलंबित कर दिया गया।



Click it and Unblock the Notifications
