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बर्थ कंट्रोल के प्रयोग के बाद कैसे बनें प्रेगनेंट?
बर्थ कंट्रोल के इस्तमाल करने के बाद प्रेगनेंट होना मानों किसी चैलेंज से कम नहीं होता। बर्थ कंट्रोल पिल लेने से शारीरिक में हार्मोनल बदलाव होते हैं, इसलिये अगर आप पिल ले रहीं थी और अब आपको प्रेगनेंट होना है, तो कुछ बातों का ध्यान रखें। आपको दुख होगा अगर आप बच्चा पैदा करना चाह रहीं हों और आपको नहीं पता कि उसका सही समय क्या है, तो सब गड़बड़ हो सकता है। इसलिये आइये जानते हैं कि बर्थ कंट्रोल के प्रयोग के बाद कैसे प्रेगनेंट हुआ जाए।

आजमाएं यह टिप्स-
1. आपको बिल्कुल भी अंदाजा नहीं होगा कि यह बर्थ कंट्रोल पिल आपकी प्रजनन प्रणाली को क्या कर सकती है। जब आप इस दवा को ले रहीं होती हैं, तो आप आव्युलेट करना बंद कर देती हैं। इसमें मौजूद हार्मोन आपके आव्युलेशन को दबा देता है।
2. वैसे लास्ट की बची तीन गोलियों में बहुत कम या फिर बिल्कुल भी हार्मोन नहीं होता। इसलिये इसको खाने के बाद ही आपको 2 से 4 दिन बाद मासिक आना शुरु हो जाता है। लेकिन आपकी ओवरी को पूरी तरह से नार्मल होने में थोड़ा समय लग सकता है।
3. हर महिला का शरीर और उसका सिस्टम अलग होता है। कुछ औरते गोली को बंद करने के तुरंत बाद ही प्रेगनेंट हो जाती हैं, जबकि दूसरी महिलाओं को कुछ चक्रों के लिये रुकना पड़ता है। अच्छा होगा कि आप अपने पहले प्राकृतिक मासिक चक्र के लिये रुके और फिर प्रेगनेंट हों।
4. कभी-कभी ऐसा भी होता है कि गोली को बंद करने के बाद भी आपके पीरियड शुरु नहीं होते। ऐसा इसलिये होता है क्योंकि अंडो़ के कई समय तक विश्राम करने के बाद उन्हें तैयार होने में समय लगता है। शरीर के अंदर हार्मोन को बैलेंस होने में थोड़ा समय लगता है।
5. अगर भूतपूर्व आपके साथ कभी मिसकैरेज या अन्य कोई असामान्यता हुई हो तो आपको जल्द प्रेगनेंट न हो कर 3 प्राकृतिक मासिक चक्र का इंतजार करना चाहिये। इससे प्रेगनेंसी के दौरान अप्राकृतिक ब्लीडि़ग नहीं होती।
6. इसके अलावा कुछ कंट्रासेप्शन तरीकों में एक आइयूडी भी आता है, जिसको शरीर के अंदर से निकाल कर आप कंसीव कर सकती हैं। यह कार्य डॉक्टर करते हैं और इसको निकालने के बाद आप जल्द प्रेगनेंट हो सकती हैं।
7. आइयूडी में भी हार्मोन का खेल होता है, इसलिये कंसीव करने के लिये आपको एक नार्मल साइकिल का इंतजार करना ही पड़ेगा। वैसे इसके इस्तमाल से आप पर इतना प्रभाव नहीं पड़ेगा जितना गोली लेने पर पड़ता है।
8. वैसे कंडोम और डायफ्रैम का प्रयोग बंद करने से आपके कंसीव करने का चांस बढ़ जाता है। इसलिये गोली लेने से बेहतर है कि आप इन साधनों का प्रयोग करें।



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