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क्या पत्तेदार सब्जियों से अच्छी होती है स्पर्म क्वालिटी?
यह तो सभी जानते हैं कि हम जो खाते हैं, वहीं हम होते हैं। लेकिन अगर आप एक पिता बनने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको कहीं अधिक पौष्टिक आहार लेने की जरूरत है। आपके स्पर्म की क्वालिटी से ही यह तह होगा कि आपकी पत्नी कितनी जल्दी और कितनी आसानी से प्रेगनेंट होती है। कई शोध से यह बात साबित हो चुकी है कि डाइट और स्पर्म की क्वालिटी में गहरा संबंध है। स्पर्म की क्वालिटी जितनी अच्छी होगी, गर्भ ठहरने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी। हेल्थी स्पर्म का एग तक पहुंचकर जीवित रहने की संभावना ज्यादा रहती है। कई बार तो स्पर्म को एग के साथ फर्टीलाइज करने के लिए कई दिनों तक जीवित रहना पड़ता है। अगर स्पर्म कमजोर होगा तो वह अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाएगा। ज्यादा प्रोटीन और ज्यादा पौष्टिक भोजन पुरुषों में स्पर्म की क्वालिटी को बढ़ाता है। जब भी जरूरी पौष्टिक तत्व की बात होती है तो हरी पत्तेदार सब्जियों से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता।
विशेषज्ञों की मानें तो विटामिन बी का एक रूप फालिक एसिड ब्रेन और स्पाइना बिफिडा जैसे स्पाइन डिफेक्ट को रोकने में काफी कारगर होता है। पुरुषों में अगर फालिक एसिड कम होता है तो होने वाले बच्चे के दोषपूर्ण होने की संभावना 30 प्रतिशत बढ़ जाती है। अगर आप पिता बनना चाहते हैं तो जंक फूड को पूरी तरह से न कह दें और विटामिन से भरपूर हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं। इससे होने वाले बच्चे के स्वास्थ पर भी साकारात्मक असर पड़ेगा।
आइए हम आपको कुछ ऐसी सब्जियों के बारे में बताते हैं जो क्वालिटी स्पर्म के लिए बहुत जरूरी होती है।

1.गहरे रंग वाली हरी पत्तेदार सब्जियां
फालिक एसिड की कमी से अक्सर स्पर्म की संख्या और गुणवत्ता कम हो जाती है। इसलिए हेल्थी स्पर्म को बढ़ाने के लिए आपको फालिक एसिड का सप्लीमेंट्स लेना चाहिए। पालक साग, कोलार्ड की पत्ती और शलजम की पत्ती फालिक एसिड से भरपूर होती है।
2. ब्रोकली
ब्रोकली से भी स्पर्म की क्वालिटी बेहतर होती है। यह फालिक एसिड और विटामिन बी का बेहतरीन स्रोत है। ब्रोकली को सलाद में शामिल कर या फिर अलग से डिश बनाकर आप स्पर्म की संख्या बढ़ा सकते हैं।
3. विटामिन सी युक्त हरी सब्जी
विटामिन सी और ई जैसे और भी कई एंटीआक्सीडेंट हैं जो स्पर्म क्वालिटी बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। अच्छे सेल्युलर एंटीआक्सीडेंट से स्पर्म की संख्या बढ़ती है और उसकी गतिशीलता भी बेहतर होती है। नतीजतन स्पर्म की क्वालिटी अच्छी होती है। कैल, सरसों का साग, गार्डन क्रेस आदि में प्रचूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है।
4. लाइकोपेन
टमाटर, तरबूज, शतावरी और दूसरे फलों व सब्जियों का लाल रंग लाइकोपेन के कारण ही होता है। यह एक प्राकृतिक केरोटेन्वाइड पिग्मेंट होता है। आहार में नियमित रूप से लाइकोपेन की मात्रा कम होने पर स्पर्म की क्वालिटी खराब होती है और इंफर्टिलिटी भी आ सकती है। लाइकोपेन का सप्लीमेंट्स लेने पर अब तक हुए नुकसान की भरपाई हो जाएगी।
5. विटामिन डी
विटामिन डी की कमी से पुरुषों में इंफर्टिलिटी आती है। एक रिसर्च के तहत जब लैब में लाइव ह्यूमन स्पर्म सेल में विटामिन डी मिलाया गया इसकी गतिशीलता में तेज वृद्धि हुई। साथ ही एक्रोसोम रिएक्शन में भी तेजी पाई गई, जिससे स्पर्म सेल्स एग से जुड़ता है। सूरज की रोशनी के अलावा पालक साग विटामिन डी का बेहतरीन स्रोत है।



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