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Ghughuti Recipe: उत्तरायणी पर ऐसे बनाएं उत्तराखंड की फेमस घुघुती, नोट करें रेसिपी स्टेप बाई स्टेप
Makar Sankranti 2026 Ghughuti Recipe: मकर संक्रांति आते ही उत्तराखंड के घर-घर में घुघुती की एक खास खुशबू फैल जाती है। यह सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि पहाड़ों की संस्कृति, बच्चों की खुशी और मां की ममता से जुड़ी एक बेहद भावनात्मक परंपरा है। उत्तरायणी या मकरैणी के दिन कुमाऊं और गढ़वाल में घुघुती बनाकर बच्चों के गले में धागे से पहनाई जाती है और कौवों को बुलाकर खिलाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि इससे बच्चों की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
सबसे रोचक होता है घुघुती को कौवे को खिलाना जो मकर संक्रांति के अगले दिन की सुबह-सुबह बच्चों के द्वारा किया जाता है। आप भी आज घुघुती बनाने की तैयारी कर रहे होंगे तो जान लेते हैं कैसे बनाएं आसान तरीके से घुघुती और इसके बारे में कुछ और भी जान लेते हैं।

घुघुती क्या है और क्यों बनती है मकर संक्रांति पर?
घुघुती उत्तराखंड की एक पारंपरिक मिठाई है, जो खासतौर पर मकर संक्रांति (उत्तरायणी / मकरैणी) के दिन बनाई जाती है। कुमाऊं और गढ़वाल में इसे बच्चों के गले में धागे से पहनाया जाता है और कौवों को खिलाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे बच्चों की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। घुघुती सिर्फ मिठाई नहीं, बल्कि प्रकृति, बच्चों और लोक संस्कृति से जुड़ी एक भावनात्मक परंपरा है।
घुघुती बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
गेहूं का आटा - 2 कप
गुड़ - 1 कप (कसा हुआ या पिघलाया हुआ)
देसी घी - 4-5 टेबलस्पून
सौंफ - 1 छोटी चम्मच
इलायची पाउडर - ½ छोटी चम्मच
सफेद तिल- 2 चम्मच
दूध- 1 कप
बेकिंग सोडा - एक चुटकी (वैकल्पिक)
तलने के लिए घी या तेल
घुघुती बनाने की आसान विधि
स्टेप 1: गुड़ का घोल तैयार करें
एक बर्तन में गुड़ डालें और थोड़ा सा पानी मिलाकर उसे हल्का गर्म करें ताकि वह पिघल जाए। फिर छानकर ठंडा होने दें।
स्टेप 2: आटा गूंथें
एक बड़े बाउल में आटा, सौंफ, इलायची पाउडर, तिल और बेकिंग सोडा मिलाएं। अब इसमें पिघला हुआ गुड़ और घी डालकर नरम आटा गूंथ लें।
स्टेप 3: आकार बनाएं
अब आटे की छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें चिड़िया, ढोल, तलवार, माला या गोल आकार में ढाल लें। चाहें तो ऊपर छेद करके धागा डालने लायक भी बना सकते हैं।
स्टेप 4: घुघुती तलें
कढ़ाही में घी या तेल गरम करें और धीमी आंच पर घुघुतियों को सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लें।
स्टेप 5: ठंडा होने दें
तली हुई घुघुती को निकालकर कागज पर रखें और पूरी तरह ठंडा होने दें।
घुघुती पहनाने और कौवों को खिलाने की परंपरा
उत्तराखंड में मकर संक्रांति के दिन बच्चे अपनी घुघुती की माला
पहनकर कौवों को बुलाते हैं और एक खास गाना गाते हैं-
"काले कौवा, काले, घुघुति माला खाले..." बता दें कि कौवों को पहले
घुघुती खिलाना शुभ माना जाता है। इसके बाद बच्चे खुद खाते हैं।
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