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शरद पूर्णिमा विशेष: इन मंत्रों के जाप से पाएं लक्ष्मी-कुबेर का आशीर्वाद
शरद पूर्णिमा का दिन बेहद ख़ास माना गया है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार आश्विन माह की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। यह दिन शरद ऋतु के आगमन की भी दस्तक देता है। शरद पूर्णिमा को शरदोत्सव, रास पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा, कौमुदी उत्सव, कुमार उत्सव एवं कमला पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

शरद पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी माता और चंद्रदेव की आराधना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात किये पूजन से सालभर लक्ष्मी-कुबेर की कृपा बनी रहती है। जीवन की कई तरह की समस्याओं का हल मिलता है। इस लेख में जानते हैं शरद पूर्णिमा से जुड़े विशेष मंत्र।

माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए मंत्र
ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

शरद पूर्णिमा की रात पढ़ें कुबेर मंत्र
ऊं यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन धान्याधिपतये
धन धान्य समृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा।।

शरद पूर्णिमा की रात पाएं भोलेनाथ का आशीर्वाद
शरद पूर्णिमा पर भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। आप शिवलिंग का जल स्नान कराएं। इसके बाद पंचोपचार पूजा यानी सफेद चंदन, अक्षत, बिल्वपत्र, आंकडे के फूल व मिठाई का भोग लगाएं। अब इस आसान शिव मंत्र का ध्यान करते हुए जीवन में शुभ-लाभ की प्रार्थना करें।
पंचवक्त्र: कराग्रै: स्वैर्दशभिश्चैव धारयन्।
अभयं प्रसादं शक्तिं शूलं खट्वाङ्गमीश्वर:।।
दक्षै: करैर्वामकैश्च भुजंग चाक्षसूत्रकम्।
डमरुकं नीलोत्पलं बीजपूरकमुक्तमम्।।

सौभाग्य प्राप्ति के लिए करें इस मंत्र का जाप
"पुत्रपौत्रं धनं धान्यं हस्त्यश्वादिगवेरथम् प्रजानां भवसि माता आयुष्मन्तं करोतु मे।"



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